प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर जनता कर्फ्यू को अभूतपूर्व सफलता मिली थी। इससे भारतीयों की एकजुटता उजागर हुई थी। लेकिन कोरोना के मद्देनजर इसको अगले कुछ दिनों तक जारी रखना आवश्यक था। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अंततः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लॉक डाउन लागू करना पड़ा। इसके लिए उन्होंने जनता कर्फ्यू जज्बा दिखाने का आह्वान किया है। इसके लिए जनता को जागरूक किया जा रहा है। लेकिन कुछ ऐसे भी ढीठ नागरिक हैं जो इस महामारी की गंभीरता को समझ नहीं रहे हैं और वह इस लॉक डाउन का खुलकर उलघन कर रहे हैं लेकिन इस इक्कीस दिन के लॉक डाउन में सरकार उनसे अब सख्ती से निबटेगीं और उन्हें नियम पालन करने पर बाध्य करेगी जो देश हिट में बहुत जरुरी है।

इटली, चीन आदि देशों का उदाहरण सामने है। यहां लापरवाही घातक साबित हुई। योगी ने इस दौरान दवा, खाद्यान्न सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए। कालाबाजारी, जमाखोरी, मुनाफाखोरी बर्दास्त नहीं की जाएगी।इस प्रकार का कृत्य गैरकानूनी,अमानवीय और अनैतिक भी है। मास्क, ग्लव्स, सैनेटाइज़र आदि की उपलब्धता बनायी रखी जाएगी। आमजन को इसके मद्देजनर सहयोग करना चाहिए।
- डॉ दिलीप अग्निहोत्री






