एडवा के 13वें राज्य सम्मेलन में महिलाओं के हक की लड़ाई तेज करने का संकल्प
लखनऊ, 4 अक्टूबर 2025: अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) उत्तर प्रदेश के 13वें राज्य सम्मेलन का उद्घाटन आज सप्रू मार्ग स्थित उद्यान भवन प्रेक्षागृह में हुआ। सम्मेलन में 15 जिलों से आई 130 महिलाओं ने हिस्सा लिया। पहले दिन सुभाषिनी अली, नेहा दीक्षित, मरियम धावले, मधु गर्ग और वंदना मिश्र जैसी नेताओं की मौजूदगी में महिलाओं ने हिंसा, अशिक्षा, बेरोजगारी और असमानता के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया।

मुख्य अतिथि और पत्रकार नेहा दीक्षित ने कहा कि मीडिया महिलाओं को रसोई तक सीमित करता है, जबकि खेत, जमीन, शिक्षा और यौनिक हिंसा जैसे मुद्दे उनकी जिंदगी से जुड़े हैं। उन्होंने डिजिटलीकरण की कमियों और आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वेतन के बजाय सहयोग राशि मिलने की समस्या पर ध्यान दिलाया। अपनी पुस्तक मैनी लाइफ ऑफ सईदा का जिक्र करते हुए उन्होंने मेहनतकश महिलाओं की बदहाली और सशक्तिकरण की जरूरत पर जोर दिया।
एडवा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाषिनी अली ने उत्तर प्रदेश में महिलाओं और दलितों पर बढ़ते अत्याचार, स्कूलों के बंद होने और उच्च नवजात मृत्युदर (70 प्रति हजार) की गंभीर स्थिति को रेखांकित किया। उन्होंने हाथरस कांड का उल्लेख करते हुए मनुवादी सत्ता की आलोचना की और कहा, “हम संवैधानिक अधिकारों के लिए लड़ेंगे। अगर एकजुट न हुए तो बुलडोजर हम पर भी चलेगा।”
महासचिव मरियम धावले ने कहा कि 26 राज्यों में हुए एडवा सम्मेलनों से संविधान और अधिकारों की रक्षा की आवाज बुलंद हो रही है। उन्होंने शिक्षा, राशन, पानी और जमीन जैसे मुद्दों पर नीतिगत बदलाव की जरूरत बताई। सामाजिक कार्यकर्ता वंदना मिश्र ने लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए शिक्षा व्यवस्था सुधारने और आनर किलिंग जैसे अपराधों पर लगाम लगाने का आह्वान किया।
सम्मेलन में अमौसी एयरपोर्ट भूमि अधिग्रहण के खिलाफ 344 दिनों से धरना दे रही सुषमा, सीमा यादव और अकबरनगर के लिए संघर्ष करने वाली बुशरा सुमन पाण्डे को सम्मानित किया गया। मधु गर्ग के संचालन में हुए समारोह में बुशरा नकवी के गीत “हम मेहनतकश जगवालों से” के साथ शुरुआत हुई। प्रो. नदीम हसनैन, प्रो. रमेश दीक्षित, वंदना राय, सरोज कुशवाहा सहित कई गणमान्य उपस्थित थे। कल प्रतिनिधि सम्मेलन होगा।







