लखनऊ, 27 मार्च। गोलागंज स्थित वीरांगना अवन्तीबाई महिला चिकित्सालय में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तत्वाधान में आयोजित स्थानीय शहरी निकाय के सदस्यों हेतु अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमे खासतौर पर मलिन बस्ती में रहने वालों लोगो की जीवन शैली, उनका वातावरण एवं स्वास्थ्य संबंधी विषयो पर व्यापक चर्चा हुई। उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाने हेतु शहरी निकाय के सदस्यों (पार्षदों), सिविल डिफेंस, गैर सरकारी संस्थाएं के महत्व एवं योगदान पर विशेष रुप से जोर देने की बात कही गयी।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया ने कहा कि आज हम सबका कर्तव्य बनता है कि मलिन बस्ती में रहने वाली जनता को प्राथमिक स्वास्थ्य की सुविधायें उपलब्ध हो जिससे स्वास्थ्य के प्रति उनका अपना व्यय कम हो। उन्होंने सभी पार्षदों एवं अन्य विभागों व संस्थायों के प्रतिनिधियों से अनुरोध करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के लिए अपने व्यस्त कार्यक्रम में से कुछ समय निकालकर व्यक्तिगत ध्यान देते हुए उक्त कार्य में अपनी वचनबद्धता एवं प्रतिबद्धता सुनिश्चित करें और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के सरल एवं संतुष्ट जीवन की परिकल्पना को साकार करने में अपना योगदान दें।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ नरेन्द्र अग्रवाल, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी/नोडल अधिकारी (राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन) डॉ राजेन्द्र कुमार चौधरी, प्रमुख अधीक्षिका डॉ सविता भट्ट, डॉ केपी त्रिपाठी, डॉ अजय राजा, डॉ सईद अहमद सहित बड़ी संख्या में आशा सेविकाएं एवं सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जनता की शिकायत पर, महापौर ने शुरू करायी फोगिंग

महापौर ने आगे बताया कि अगर इसके बाद भी किसी का क्षेत्र छूट जाता है, तो वह उन्हें सोशल मीडिया या फ़ोन पर शिकायत कर बता सकता है ।







