- फलों के गुच्छों से दीवारों की शोभा बढ़ाने वाला लाइकोपीन का धनी चेरी टमाटर के प्रति किसानों का बढ़ी रुझान
- आईसीएआर के निदेशक ने कहा, भविष्य में इसकी लोकप्रियता के साथ ही उत्पादन में भी होगी वृद्धि
कुछ साल पूर्व होटलों तक सीमित रहने वाला चेरी टमाटर के प्रति किसानों में भी रूचि बढ़ गयी है। अब पाली हाउस सब्जी उत्पादकों और गृह वाटिकाओं में इसे जगह-जगह देखा जा सकता है। एंटीआक्सिडेंट से खासकर विटामिन सी और लाइकोपीन के धनी इस टमाटर को देखने और इसकी खेती को समझने के लिए केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा (आईसीएआर) में दूर-दूर से देखने के लिए किसान आ रहे हैं। चेरी टमाटर फलों के गुच्छों से लदी बेलें पौधों को सजावटी रूप देती हैं। संस्थान में लाल और पीले फलों से लदी बेलों को देखा जा सकता है। इस कारण लोग सजावट के लिए भी इसका प्रयोग कर रहे हैं।
इस संबंध में आईसीएआर के निदेशक शैलेन्द्र राजन ने बताया कि इसकी खेती में रुचि रखने वाले किसान उत्पादन तकनीक को समझने के लिए संस्थान का दौरा कर रहे हैं। निकट भविष्य में, इसका उत्पादन बढ़ी हुई लोकप्रियता और खपत के साथ बढेगा। एक बार जब यह टमाटर सुपरमार्केट और शहर की सब्जी की दुकानों में प्रचलित हो जायेगा, तो मध्यमवर्गीय परिवारों द्वारा इसकी खपत और खेती बढ़ेंगी। चेरी टमाटर समान्य टमाटर से छोटे और आकार गोल में होने के कारण चेरी जैसे दीखते हैं । कुरकुरे और खट्टे मीठे स्वाद, गूदे में कम पानी के कारण और कच्चे खाने के लिए आम टमाटर से बेहतर विकल्प है। कुरकुरे लेकिन छोटे आकार और दृढ़ता के कारण कई व्यंजनों के लिए विशेष तौर से इनका उपयोग हो रहा हैं।
उन्होंने कहा कि संस्थान पिछले कई वर्षों से चेरी टमाटर की किस्मों का परीक्षण कर रहा है, जो उपयुक्त किस्म की पहचान करने और उत्पादन के तरीके को विकसित करने के लिए आवशयक है। कई ग्रीनहाउस उत्पादकों को इसकी खेती का प्रदर्शन मार्गदर्शन भी दिया गया है। फलों के गुच्छों से लदी बेलें पौधों को सजावटी रूप देती हैं। संस्थान में लाल और पीले फलों से लदी बेलों को देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यह गृहिणियों, शेफ और किचन गार्डन प्रेमियों के बीच लोकप्रिय हो जाएगा। इसके पोषक मूल्य और विशेष स्वाद के कारण मांग बढ़ाएगी और अंततः इन सुस्वाद आकर्षक टमाटर की खेती करने वाले किसानों के लाभ एवं संख्या में वृद्धि होगी।
उन्होंने बताया कि एंटीऑक्सिडेंट शरीर में फ्री रेडिकलस के साथ मिलकर कैंसर को रोकने में मदद करते हैं। इसके बायोएक्टिव यौगिक इसे हृदय रोग और मधुमेह के रोगियों के लिए उपयुक्त बनाते हैं। अधिक लाइकोपीन ने इसे जापान में लोकप्रिय बना दिया है क्योंकि शोधों ने उन्हें बृहदान्त्र के कैंसर को कम करने के लिए कारागार पाया है। लाइकोपीन प्रोस्टेट कैंसर को भी रोकने के लिए अच्छी तरह से जाना जाता है। इन छोटे टमाटरों से स्वास्थ्य लाभ आम टमाटरों से कहीं अधिक है।
शैलेन्द्र राजन ने कहा कि चेरी टमाटर को आमतौर पर सलाद के रूप में भी पसंद किया जाता है, आधे कटे फलों को स्वादिष्ट बनाने के लिए फलों के साथ मिलाया जा सकता है। यह एक उत्कृष्ट क्षुधावर्धक के रूप में माना जाता है। आजकल, कई भारतीय व्यंजनों के रेसेपी में पसंद किया जा रहा है। यह पिज्जा टॉपिंग में पनीर के साथ अच्छी तरह से फिट बैठता है और विशेष स्वाद के लिए जाना जाता है। बेक्ड चेरी टमाटर स्वाद में और भी शानदार होता है। बढ़ती उपलब्धता के साथ, यह कई व्यंजनों में आम टमाटर को प्रतिस्थापित कर रहा है।
सीआईएसएच में डॉक्टर एसआर सिंह ने बताया कि ग्रीनहाउस में आने वाले आगंतुकों को चेरी टमाटर में उगने में अत्यधिक दिलचस्पी है। इसे हाइड्रोपोनिक्स और अन्य मिट्टी रहित मीडिया में भी उगाया जा सकता है। बढती मांग के कारण आंध्र प्रदेश के सितारा होटलों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विशेष पालीहाउस विकसित किए गए हैं। अधिकतर यूरोपीय देशों से चेरी टमाटर के बीज आयात किया जा रहा हैं| भारतीय कृषि वैज्ञानिकों ने स्वदेशी किस्मों का सफलतापूर्वक विकास कर लिया है । निकट भविष्य में भारत में उत्पादित बीज कम दरों पर आसानी से उपलब्ध होगा।







