गाजियाबाद: बकरीद के दिन 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान की निर्मम हत्या का मुख्य आरोपी असद (19) रविवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। घटना गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में हुई। पुलिस ने दावा किया कि असद भागने की तैयारी में था और पुलिस घेराबंदी के दौरान उसने फायरिंग की, जिसके जवाब में वह ढेर हो गया।
बकरीद वाले दिन हुई थी क्रूर हत्या
28 मई (बकरीद) को 17 वर्षीय सूर्या चौहान की हत्या कर दी गई थी। नाबालिग दोस्त के अनुसार, असद ने फोन करके सूर्या को बुलाया। फिर अपने साथियों के साथ उसे घेर लिया और चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। मारने से पहले असद ने बेहद क्रूरता से पूछा था- कि “क्या कभी बकरा हलाल होते देखा है? आओ, दिखाते हैं।” इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें हत्या की निर्ममता साफ दिख रही थी।
पुलिस ने दी थी 50 हजार की इनामी घोषणा
शनिवार को ही पुलिस ने असद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। रविवार तड़के करीब 4 बजे जब पुलिस को सूचना मिली कि असद वसुंधरा क्षेत्र में छिपा हुआ है, तो टीम ने घेराबंदी कर ली। आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस की गोली लगने से उसकी मौत हो गई।
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी
खोड़ा पुलिस ने इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें नवाब (45), फरहान (19) और आतिफ (19) शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि पूरी गैंग को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
मां का सख्त बयान : पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए
सूर्या की मां ने एनकाउंटर पर संदेह जताते हुए कहा, “असद की लाश की फोटो दिखाओ, तभी मानूंगी कि उसका एनकाउंटर हुआ है।” उन्होंने न्याय की मांग करते हुए कहा कि पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
एनकाउंटर पर उठ रहे सवाल
यह एनकाउंटर मात्र 2-3 दिन के अंदर हुआ है, जिससे कुछ लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं। परिवार और स्थानीय लोग अब पूरी पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ में कोई अन्य पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ और पूरी कार्रवाई रिकॉर्डेड है।
यह घटना गाजियाबाद में युवाओं के बीच बढ़ती हिंसा और गैंग वार की ओर इशारा करती है। सूर्या चौहान की हत्या ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर दिया था, जिसके बाद पुलिस को तेजी से कार्रवाई करनी पड़ी।
फ़िलहाल अपडेट यह कि मामले की जांच जारी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।







