बहराइच, 26 जनवरी 2022: चार मासूमों की हफ्ते भर में जान लेने वाला आदमखोर तेंदुआ आखिरकार पिंजड़े में कैद हो गया। मोतीपुर रेंज में इससे वन विभाग व ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। बता दें कि वन विभाग उसका चिकित्सीय परीक्षण कराएगा। इसके बाद तय होगा कि उसे कहां छोड़ना है।

यह थी एक अहम घटना:
सोती बच्ची पर तेंदुए का हमला, तेंदुए से भिड़ी दादी, छुड़ा लिया बच्ची को जबड़े से
कहानी दादी के साहस की : बच्ची को बचाने के लिए देर तक किया संघर्ष
बहराइच : दादी के साथ घर में सो रही बालिका पर देर रात तेंदुए ने हमला कर दिया। उसे बचाने के लिए दादी आनन फानन में तेंदुए से भिड़ गई। पांच मिनट तक संघर्ष के बाद तेंदुए के जबड़े से वह बालिका को छुड़ाने में कामयाब रही। चीख पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने हांका लगाया। इसके बाद तेंदुआ जंगल में भाग गया। गंभीर हालत में बालिका को सीएचसी शिवपुर लाया गया। यहां से चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना खैरीघाट के बेली चौकसाहार गांव कि है।

बता दें कि बहराइच वन प्रभाग के नानपारा रेंज का बेली चौकसाहार गांव जंगल से सटा है। गांव निवासी आठ वर्षीय मीना दादी के साथ घर में सो रही थी। घटना जनवरी के मध्य दिनों की है जहाँ शुक्रवार देर रात जंगल से निकलकर आया तेंदुआ घर में घुस गया। बालिका की चीख सुनकर जागी दादी बिना देर किए तेंदुए से भिड़ गई। शोर मचाते हुए तेंदुए से संघर्ष करते हुए बालिका को उसके जबड़े से छुड़ाने का प्रयास करती रही। स्वजन व ग्रामीणों के हांका लगाने के बाद तेंदुआ मौके से भाग गया। हमले में घायल बालिका को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रेंजर राशिद जमील ने वनकर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा।







