ग्लेनमार्क ने भारत में डायबिटीज पीड़ितों के लिए लांच की सस्ती दवा, 28 रूपये में मिलेगी एक दिन की दवा

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  • ग्लेनमार्क के रेमो V और रेमोज़ेन V की कीमत 14 रुपये प्रति टैबलेट, और थेरेपी लागत 28 रुपये प्रतिदिन है, जो भारत में उपलब्ध अन्य एसजीएलटी2 और डीपीपी4 कॉम्बिनेशन ब्रांड के मुकाबले 65% कम है

इंदौर,31 दिसंबर, 2020: शोध-केंद्रित वैश्विक दवा कंपनी, ग्लेनमार्क, ने भारत में अपने नवीनतम, पेटेंट-संरक्षित और विश्व स्तरीय शोध-आधारित सोडियम ग्लूकोज को-ट्रांसपोर्टर इनहिबिटर (एस.जी. एल.टी.2i) – रेमोग्लिफ्लोज़िन एटाबोनेट का फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (एफ.डी.सी) तथा व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला एक अन्य डीपीपी 4 इनहिबिटर (डाईपेप्टाइडिल पेप्टिडेज 4 इनहिबिटर) – विल्डाग्लिप्टिन लॉन्च किया।

जानकारी के अनुसार फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन टाइप 2 डायबिटीज की देखभाल में मदद करता है। कॉम्बिनेशन के तहत एक फिक्स्ड डोज में रेमोग्लिफ्लोज़िन (100 मिलीग्राम) + विल्डाग्लिप्टिन (50 मिलीग्राम) होगा और रोगियों में ग्लाइसेमिक कंट्रोल को बेहतर बनाने के लिए इसे रोजाना दो बार लिया जाना चाहिए। ग्लेनमार्क ने इसे दो ब्रांड नाम रेमो V और रेमोजेन V के अंतर्गत लॉन्च किया है।

ग्लेनमार्क दुनिया की पहली कंपनी है जिसने रेमोग्लिफ्लोज़िन + विल्डाग्लिप्टिन फिक्स्ड डोज़ कॉम्बिनेशन लॉन्च किया है और भारत इस एफ.डी.सी दवा तक पहुँच पाने वाला पहला देश है। ग्लेनमार्क को नवंबर 2020 के अंतिम दिनों में रेमोग्लिफ्लोज़िन + विल्डाग्लिप्टिन कॉम्बिनेशन की मैन्यूफैक्चरिंग और मार्केटिंग के लिए डी.सी.जी.आई (भारत का दवा अनुमोदन प्राधिकरण) से मंजूरी मिली।

टाइप 2 डायबिटीज जैसी क्रोनिक बीमारियों में, रोगियों को लंबे समय तक कई डायबिटीज-रोधी दवाओं का सेवन करना पड़ता है। इसके अलावा, भारत में, रोगियों को अपने दम पर दवा का खर्च उठाना पड़ता है और इसलिए दवा की कीमत उपचार को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख कारक बन जाती है। जहां एक ही दवा श्रेणी में मौजूदा ब्रांड की औसत दैनिक थेरेपी लागत 78 रुपये है, वहीं ग्लेनमार्क के रेमोग्लिफ्लोज़िन + विल्डाग्लिप्टिन कॉम्बिनेशन को 14 रुपये प्रति टैबलेट की कीमत पर लॉन्च किया गया है, जिसे रोजाना दो बार लेना होता है, जिसकी लागत 28 रुपये प्रति दिन होती है। यह लागत बाजार में उपलब्ध अन्य एसजीएलटी2 और डीपीपी4 कॉम्बिनेशन दवाओं की तुलना में 65% कम है।

जानकारी के अनुसार ग्लेनमार्क का रेमोग्लिफ़्लोज़िन + विल्डाग्लिप्टिन कॉम्बिनेशन भारत में मरीजों की विश्व स्तरीय और पूरी तरह शोध-आधारित कॉम्बिनेशन प्रॉडक्ट तक बेहतर पहुंच बनायेगा और उनको किफायती मूल्य पर उपलब्ध करायेगा। इस कॉम्बिनेशन को भारत के दवा नियामक, डी.सी.जी.आई, द्वारा भारत में 18 वर्ष से अधिक आयु के वयस्कों के लिए अनुमोदित किया गया है।

इसके अलावा, इसे जब मेटफोर्मिन और फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन के मोनो-कम्पोनेंट्स में से कोई एक कम्पोनेंट, पर्याप्त ग्लाइसेमिक कंट्रोल प्रदान नहीं करता हो, या जब पहले से ही रेमोग्लिफ़्लोज़िन और विल्डाग्लिप्टिनकी अलग-अलग खुराक के साथ इलाज किया जा रहा हो, तो टाइप 2 डायबिटीज के साथ ग्लाइसेमिक कंट्रोल में सुधार लाने के लिए भी इसे अनुमोदित किया गया है।

ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट एवं बिजनेस हेड, इंडिया फॉर्मुलेशंस आलोक मलिक ने कहा कि “ग्लेनमार्क भारत में डायबिटीज रोगियों के लिए नवीनतम उपचार विकल्पों तक पहुंच प्रदान करने में अग्रणी रहा है। इस इनोवेटिव फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन को पेश करते हुए हमें खुशी महसूस हो रही हैं। यह कॉम्बिनेशन बिल्कुल आधुनिक है, इसके लिए बड़े पैमाने पर शोध किया गया है और यह देश में मरीजों के लिए किफायती कीमत पर उपलब्ध है। ग्लेनमार्क के लिए डायबिटीज महत्वपूर्ण क्षेत्र है और इस प्रॉडक्ट के लॉन्च से हम भारत में रोगियों को एक प्रभावी, उच्च गुणवत्तापूर्ण, विश्व स्तरीय और किफायती उपचार विकल्प प्रदान करके डायबिटीज उपचार को

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