- राहुल कुमार गुप्त
लखनऊ, 19 मई, 2021: भारत में दूसरी लहर में कोरोना जब मौत का पर्याय बनकर सब के समक्ष है तो वहीं सुरक्षा कवच बन कर होम्योपैथ व आयुर्वेद भी लोगों की रक्षा कर रहा है। कोरोना पीड़ितों के लिए आयुर्वेद के साथ होम्योपैथ भी वरदान बन कर सामने आया है। अभी जरूर सरकारों का ध्यान इन चिकित्सा पद्धतियों की ओर नहीं है वो तात्कालिक चिकित्सा पद्धति एलोपैथ पर ही जोर दे रही है। आयुर्वेद व होम्योपैथ के चिकित्सकों ने अपना धर्म निभाते हुए कोरोना से पीड़ित रोगियों को बचाने का नेक काम किया है।

डॉ. निवेदिता सिंह जैसे कई अन्य चिकित्सक भी हैं जो कोरोना से पीड़ित मरीजों की सेवा के लिए सक्रिय हैं। इस रोग की पहली लहर व दूसरी लहर दोनों में होम्योपैथ और आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति ने एक सही परिणाम दिया है। लोगों का इन पद्धतियों पर विश्वास भी बढ़ा है। होम्योपैथ चिकित्सक डॉ.निवेदिता सिंह ने मध्य प्रदेश के कटनी और आस-पास के इलाके के अलावा यूपी के कई जिलों में भी कई लोगों को कोरोना के भय से बाहर किया, जो इस संक्रमण से ग्रसित थे उन्हें पूर्ण रूप से होम्योपैथ दवाओं से स्वस्थ भी किया।
दूरसंचार के माध्यम से भी कई मरीजों की समस्या सुलझाई हैं। वे मरीज जो कोविड पाजिटिव थे वो डॉ. निवेदिता सिंह के दिशा-निर्देशन में होम्योपैथ दवा लेकर पूर्णतः स्वस्थ भी हो गये हैं। ऐसे भी कई मरीज थे जिनका ऑक्सीजन लेवल गिरने पर, फेफड़े संक्रमित होने पर होम्योपैथ का सहारा लिया। क्योंकि एलोपैथ अस्पतालों में अचनाक हुई अव्यवस्थाओं को देखकर कई डरे हुए थे। ऐसे दुःखद समय में डॉ. निवेदिता ने अपने दिशा-निर्देशन में ऐसे कई मरीजों को पूर्णतः स्वस्थ किया है। जिसके कारण स्वस्थ हुए लोगों का व उनके जानने वालों का होम्योपैथ पर भी विश्वास बढ़ा है। कई ऐसे भी स्वस्थ लोगों ने दवाएं ली जिससे कोविड-19 का संक्रमण उन पर असर न करे और जिन-जिन लोगों ने दवाएं लीं उन पर संक्रमण का कोई दुष्प्रभाव नहीं दिखा। सरकार को आयुर्वेद और होम्योपैथ जैसी महान चिकित्सा पद्धतियों को भी इस अदृश्य महाशत्रु के खिलाफ सक्रिय रूप से आगे करना चाहिए।
होम्योपैथ के प्रति लोगो का बढ़ा विश्वास:
“कुछ गंभीर मरीजों के पास जो नजदीक हैं उनके पास जाकर या फिर जिनकी हालत थोड़ा सही है वो क्लीनिक आ जाते हैं, और जो दूर हैं उनसे सारी स्थितियां पूछने के बाद व्हाट्सएप में जांच रिपोर्ट मंगाकर उन्हें उचित दवाएं अपने दिशा-निर्देश न में चलवाते हैं, सभी को पूर्णतः आराम मिला है। इससे लोगों का होम्योपैथ के प्रति भी विश्वास बढ़ा है।” – डाक्टर निवेदिता सिंह






