इस वक्त पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है और लोग बेसब्री से इसके इलाज के लिए वैक्सीन का इंतजार कर रहे है। मालूम हो कि कोरोना वैक्सीन का कई देशों में अंतिम चरण में परीक्षण चल रहा है तो वहीं रूस ने इसकी पहली खेप का प्रोडक्शन भी शुरू कर दिया है। ऐसे में इस वक्त लोगों के जेहन में सवाल है कि आखिर किन लोगों को ये वैक्सीन सबसे पहले मिलेगी?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोनो के खिलाफ सभी देशों को समान रूप से जोखिम कम करने के लिए टीके आवंटित करने का प्रस्ताव दिया है, यह चेतावनी देते हुए कि धनी राष्ट्रों के कोने-कोने तक सीमित आपूर्ति महामारी को खत्म करने के प्रयासों में बाधा बनेगी।
रिपोर्ट्स के अनुसार डब्ल्यूएचओ ने कहा कि कोरोना वायरस वैक्सीन का आवंटन पहले सभी देशों को आनुपातिक हिसाब से किया जाना चाहिए और उसके बाद उनकी आबादी को लेकर विचार किया जाना चाहिए। काफी बड़े पैमान पर उत्पादन से पहले सीमित मात्रा में कोरोना वैक्सीन उपलब्ध रहेगी। ऐसे में कई देशों ने शुरुआत में इसके आवंटन को लेकर विशेषज्ञों की समिति बनाई है।







