बॉलीवुड के इतिहास में कुछ जोड़ियां ऐसी हैं, जिन्होंने अपनी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री और ऑफ-स्क्रीन दोस्ती से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। ऐसी ही एक जोड़ी है धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन की, जिन्होंने न केवल अपनी फिल्मों के जरिए दर्शकों को मनोरंजन का खजाना दिया, बल्कि अपनी दोस्ती और साझा अनुभवों से भी कई यादगार किस्से छोड़े। यह फीचर आर्टिकल इन दो दिग्गजों से जुड़ी कुछ ऐसी ही अविस्मरणीय घटनाओं और उनके रिश्ते की गहराई को उजागर करता है।
‘शोले’ की शूटिंग: दोस्ती और रम्मी के खेल
1975 में रिलीज हुई फिल्म शोले को भारतीय सिनेमा का मील का पत्थर माना जाता है। इस फिल्म में धर्मेंद्र (वीरू) और अमिताभ बच्चन (जय) की जोड़ी ने दोस्ती की ऐसी मिसाल पेश की, जो आज भी दर्शकों के लिए प्रेरणा है। लेकिन इस ऑन-स्क्रीन दोस्ती के पीछे ऑफ-स्क्रीन की कहानियां भी कम रोचक नहीं हैं। कौन बनेगा करोड़पति के एक एपिसोड में अमिताभ ने बताया कि शोले की शूटिंग के दौरान वे और धर्मेंद्र एक ही गाड़ी में सेट तक जाते थे। यह सफर करीब 45-50 मिनट का होता था, और दोनों इस दौरान रम्मी खेलकर समय बिताते थे। यह छोटा-सा किस्सा उनकी सादगी और आपसी सहजता को दर्शाता है।

लेकिन शोले की शूटिंग सिर्फ हंसी-मजाक तक सीमित नहीं थी। एक और दिलचस्प घटना उस समय की है, जब फिल्म के क्लाइमेक्स की शूटिंग चल रही थी। अमिताभ ने बताया कि एक सीन में धर्मेंद्र को बार-बार गोला-बारूद उठाने में दिक्कत हो रही थी। इससे परेशान होकर धर्मेंद्र ने असली गोलियों से भरी बंदूक से हवा में गोली चला दी, जो अमिताभ के कान के पास से गुजरी। यह खतरनाक क्षण उनके लिए सदमे जैसा था, लेकिन बाद में दोनों ने इसे हंसी में उड़ा दिया। यह घटना उनकी प्रोफेशनल कमिटमेंट और उस दौर की शूटिंग की चुनौतियों को दर्शाती है।
धर्मेंद्र ने जब की सिफारिश: अमिताभ को मिला ‘शोले’ में रोल
क्या आप जानते हैं कि शोले में जय का किरदार निभाने के लिए अमिताभ बच्चन को धर्मेंद्र ने ही सुझाया था? 2017 में एजेंडा आज तक के एक सेशन में धर्मेंद्र ने खुलासा किया कि उन्होंने अमिताभ को इस फिल्म के लिए रिकमंड किया था। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “अमिताभ अब कहते हैं कि मैंने उन्हें रिकमंड किया था। अगर वे अब इतनी ऊंचाइयों पर पहुंचकर यह कह रहे हैं, तो लोग उनकी महानता की बात करेंगे। पहले तो उन्होंने कभी नहीं कहा!” यह किस्सा न केवल उनकी दोस्ती की गर्मजोशी को दर्शाता है, बल्कि धर्मेंद्र की उदारता को भी उजागर करता है।
‘चुपके चुपके’ में बनी हास्य की जादुई जोड़ी
1975 में ही रिलीज हुई हृषिकेश मुखर्जी की फिल्म चुपके चुपके में धर्मेंद्र और अमिताभ ने अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को खूब हंसाया। इस फिल्म में धर्मेंद्र ने प्रोफेसर परशुराम और अमिताभ ने डॉ. परिमल त्रिपाठी का किरदार निभाया। दोनों की आपसी तकरार और हल्की-फुल्की नोकझोंक ने फिल्म को एक सदाबहार कॉमेडी बना दिया। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों कलाकारों ने सेट पर खूब मस्ती की, जिसका असर उनकी केमिस्ट्री में साफ दिखाई देता है। यह फिल्म उनकी बहुमुखी प्रतिभा का सबूत है, जो न केवल एक्शन और ड्रामा, बल्कि हास्य में भी उत्कृष्ट थे।

‘गुड्डी’ में अमिताभ की जगह धर्मेंद्र
1971 की फिल्म गुड्डी में जया बच्चन के साथ धर्मेंद्र ने एक खास किरदार निभाया, जिसमें वे खुद के रूप में नजर आए। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि इस रोल के लिए पहले अमिताभ बच्चन को चुना गया था। डायरेक्टर हृषिकेश मुखर्जी ने अमिताभ को इसलिए हटाया क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि उनकी दो फिल्में (आनंद और गुड्डी) एक ही समय पर रिलीज होकर आपस में टकराएं। अमिताभ ने इस फिल्म के लिए 10 दिन तक शूटिंग भी की थी। बाद में धर्मेंद्र को यह रोल मिला, जो जया बच्चन के साथ उनकी पहली फिल्म थी। यह घटना उस दौर की प्रतिस्पर्धा और डायरेक्टर्स के रणनीतिक फैसलों को दर्शाती है।
अमिताभ मेरा प्यारा छोटा भाई
कुछ साल पहले शोले की रीयूनियन के दौरान धर्मेंद्र, अमिताभ, जया बच्चन और हेमा मालिनी एक साथ नजर आए। इस मौके पर दोनों दिग्गजों ने एक-दूसरे की जमकर तारीफ की। अमिताभ ने हेमा मालिनी की मेहनत की प्रशंसा की, तो धर्मेंद्र ने मजाकिया अंदाज में कहा, “हम सब उनकी तरह चूक-चूक करके चलते हैं। मैं उनकी स्पीड को देखता हूं, लेकिन यह जवान बच्चा मेरे हाथ नहीं आता।” उन्होंने अमिताभ को “मेरा प्यारा छोटा भाई” कहकर अपनी आत्मीयता जाहिर की। यह रीयूनियन उनकी गहरी दोस्ती और एक-दूसरे के प्रति सम्मान को दर्शाती है।
मनोज कुमार को श्रद्धांजलि: एकजुटता का पल
4 अप्रैल 2025 को जब दिग्गज अभिनेता और फिल्ममेकर मनोज कुमार का निधन हुआ, तो अमिताभ और धर्मेंद्र दोनों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर मनोज कुमार के साथ एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसमें दोनों हंसते हुए नजर आए। वहीं, धर्मेंद्र ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट लिखा और बताया कि कैसे उनके और मनोज कुमार के बीच शुरुआती दिनों से ही गहरी दोस्ती थी। इस मौके पर दोनों का एक साथ शोक व्यक्त करना उनकी साझा विरासत और इंडस्ट्री के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
धर्मेंद्र का फोन कॉल: छोटी बात, बड़ा असर
2013 में जब अमिताभ ने धर्मेंद्र की फिल्म यमला पगला दीवाना 2 के ट्रेलर की तारीफ की, तो धर्मेंद्र ने उन्हें फोन करके धन्यवाद दिया। अमिताभ ने इसे अपने ब्लॉग में जिक्र करते हुए लिखा, “धर्म जी का फोन आया। जिनके पास बड़ा दिल होता है, वही ऐसी महानता दिखाते हैं।” यह छोटी-सी घटना दोनों के बीच गहरे विश्वास और सम्मान को दर्शाती है।
एक अनमोल रिश्ता आज भी है कायम
धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन की जोड़ी ने शोले, चुपके चुपके, राम बलराम जैसी फिल्मों के जरिए बॉलीवुड को कई यादगार पल दिए। लेकिन उनकी असल जिंदगी की दोस्ती, मजाक-मस्ती और एक-दूसरे के प्रति सम्मान ने उनके रिश्ते को और खास बनाया। चाहे वह सेट पर रम्मी खेलना हो, खतरनाक शूटिंग के पल हों, या एक-दूसरे की तारीफ करना, इन दोनों ने हमेशा एक-दूसरे का साथ निभाया। आज भी, जब हम उनकी फिल्में देखते हैं या उनके किस्से सुनते हैं, तो उनकी दोस्ती और प्रतिभा की गर्माहट महसूस होती है।
यह आर्टिकल न केवल उनकी साझा यात्रा को सेलिब्रेट करता है, बल्कि उस दौर को भी याद करता है, जब सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि रिश्तों और भावनाओं का उत्सव था। – सुशील कुमार







