नई दिल्ली 30 दिसंबर 2017। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अंतर-मंत्रालयी बैठक को संबोधित करते हुए कहा जम्मू-कश्मीर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों सहित देश में सुरक्षा स्थिति में हाल के दिनों में काफी सुधार आया है। यह बैठक जम्मू-कश्मीर के अलगाववाद, वामपंथी उग्रवाद और पूर्वोत्तर क्षेत्र में विकास पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी। बैठक में पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन, मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और संचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने भी हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा वामपंथी उग्रवाद नियंत्रण में है। ऐसा सुरक्षा बलों के प्रयासों और केंद्र एवं राज्य सरकारों की विकास पहलों के चलते संभव हुआ है। उन्होंने कहा यह समय विकास के मोर्चे पर तेज गति से आगे बढ़ने का है। बयान में कहा गया है कि बैठक में वन संरक्षण कानून के तहत एक ही रेखा में बनने वाली सभी परियोजनाओं के लिए सामान्य मंजूरी की सीमा पांच हेक्टेयर से बढ़ाकर 40 हेक्टेयर करना, चरण एक में लगाए गए 2187 मोबाइल टावरों का उन्नयन, और द्वितीय चरण में 4072 मोबाइल टावर लगाने संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा की गई। मंजूर 1789 डाकघरों को शुरू करने, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित 106 जिलों में अतिरिक्त 4173 डाकघरों की मंजूरी और इन डाकघरों में कोर बैंकिंग सेवाओं के प्रावधान पर भी चर्चा की गई।
बैठक में अतिरिक्त जवाहर नवोदय विद्यालय और केंद्रीय विद्यालय खोलकर, अतिरिक्त बालिका छात्रावास खोलकर और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत स्कूलों का उन्नयन और सर्व शिक्षा अभियान को सभी प्रभावित जिलों में विस्तारित करके शिक्षा आधारभूत ढांचे में सुधार की समीक्षा भी की गई। इसके साथ ही वामपंथ उग्रवाद प्रभावित जिलों में सौर पंप, लैंप और स्ट्रीट लाइटों के प्रावधान, पूर्वोत्तर, जम्मू कश्मीर, विशेष तौर पर लद्दाख क्षेत्र और लक्षद्वीप में संचार आधारभूत ढांचे में सुधार पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा जम्मू कश्मीर में शिक्षा आधारभूत ढांचे को मजबूती प्रदान करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।







