लखनऊ 02 नवंबर। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंकने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी विधान परिषद के सदस्य बने रहेंगे। उनकी सदस्यता रद्द किए जाने संबंधी बसपा की याचिका खारिज हो गयी है। साफ है कि यह फैसला बसपा के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
उल्लेखनीय है कि बसपा में मायावती के बाद बड़े नेताओं में शुमार होने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी ही नेता के खिलाफ ऑडियो क्लिप वायरल करते हुए उनपर वसूली का आरोप लगाया था। जिसके बाद इसी साल 10 मई को नसीमुद्दीन सिद्दीकी और उनके बेटे अफजल सिद्दीकी पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर मायावती ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
पार्टी से निकाले जाने के बाद नसीमुद्दीन ने अपना मोर्चा बना लिया था। उधर, बसपा ने विधान परिषद के सभापति के समक्ष याचिका दाखिल कर नसीमुद्दीन की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। लेकिन विधान परिषद के सभापति ने फैसला नसीमुद्दीन सिद्दीकी के पक्ष में सुनाया है। जिसके बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी अब विधान परिषद के सदस्य बने रहेंगे। उनका कार्यकाल 30 जनवरी, 2021 को खत्म हो रहा है।







