अनिल बेदाग
मुंबई : आतंकवाद के काले सच को उजागर करती साहसिक और विचारोत्तेजक फिल्म “ये है मेरा वतन” 29 अगस्त 2025 को सिनेमाघरों में दस्तक देने को तैयार है। मुश्ताक पाशा द्वारा निर्मित और निर्देशित यह फिल्म आतंकवाद की दुनिया की गहरी पड़ताल करती है, जो निर्दोष युवाओं को ब्रेनवॉश और हेरफेर करने की घिनौनी रणनीतियों को बेनकाब करती है।
फिल्म की कहानी दो युवाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें पाकिस्तान से भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए तैयार किया जाता है। उनकी इस यात्रा के जरिए फिल्म इस्लाम के दुरुपयोग और जिहाद के सच्चे अर्थ को उजागर करती है, जिसे अक्सर हिंसा और आतंकवाद को जायज ठहराने के लिए तोड़ा-मरोड़ा जाता है।
बता दें कि मुश्ताक पाशा, अथर हबीब, यशपाल शर्मा और प्रमोद महोथो जैसे दमदार कलाकारों से सजी यह फिल्म एक रोमांचक और भावनात्मक कहानी पेश करती है, जो भाईचारे, शांति और इस्लाम की वास्तविक शिक्षाओं के महत्व पर जोर देती है। फिल्म का केंद्रीय संदेश साफ है: आतंकवाद का न तो जिहाद से कोई लेना-देना है और न ही इस्लाम से।”
ये है मेरा वतन” आतंकवाद के विनाशकारी प्रभावों को दर्शाते हुए शांति, सद्भाव और एकता का संदेश फैलाने का प्रयास करती है। यह प्रभावशाली फिल्म 29 अगस्त 2025 को रिलीज हो रही है, जिसे दर्शक किसी भी कीमत पर मिस नहीं करना चाहेंगे।







