- एकल अभियान परिवर्तन महाकुंभ-2020 में पहुंचे मुख्यमंत्री
- कहा, अशोक सिंघल जी ने जिस अभियान का बीजारोपण किया, वह आज एक लाख पार कर चुका
हमने शासन की आदर्श व्यवस्था को रामराज्य को माना है, जहां किसी में भेदभाव न हो, न जाति के नाम पर, न भाषा के नाम पर। सरकार की योजनाएं हर दूर-दराज तक गांवों तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचे। योजनाओं का लाभ सबको मिल सके। यही हमारा लक्ष्य है। प्रदेश में इस रामराज्य को स्थापित करना ही हमारा लक्ष्य है। ये बातें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही। वे रविवार को लखनऊ में चल रहे एकल अभियान परिवर्तन महाकुंभ-2020 में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। यह समारोह डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के डॉअम्बेडकर सभागार में आयोजित हो रहा है।
उन्होंने भारत के कई प्रदेशों से पहुंचे एकल अभियान से जुड़े स्वयंसेवकों से कहा कि इस रामराज्य का अनुभव आप लोग खुद कर रहे होंगे। यहां सुदुर गांव में भी विकास की राह दिख रही है। सिर्फ साढ़े पांच वर्ष में ही गरीबों को विद्युत कनेक्शन, चार करोड़ गरीबों को घर दिलवाना, आठ करोड़ को रसोई गैस, साढ़े आठ करोड़ शौचालय, 46 करोड़ को बैंकिय सुविधा से जोड़ना। यह सब रामराज्य के आदर्श तक पहुंचने की सीढ़ी है। गरीबों के लिए नि:शुल्क व्यवस्था का कार्य किसी ने किया है तो मोदी जी ने किया है। इसी के इर्द-गिर्द एकल अभियान चलता है।

‘पहले राजनीति कर रहे लोगों के पास ऐसी दृष्टि नहीं थी’
उन्होंने कहा कि यह गति पहले से होती तो आज हमारे देश में कोई गरीब नहीं रह जाता, लेकिन उस समय ऐसा विजन नहीं था। राजनीति कर रहे लोगों के पास ऐसी दृष्टि नहीं थी। जब वैसी दृष्टि नहीं थी तो सृष्टि कैसे होगी। उसी का परिणाम है कि आज सभी स्वीकार करते हैं कि यहां चतुर्दिक विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमें याद है कि लोकसभा के चुनाव में हनुमान जी का नाम लेने पर तीन दिन के लिए प्रतिबंध लगा दिया। इस कारण हमने अयोध्या में ही हनुमानगढ़ी में मंदिर चला गया। वहां पहुंचने से पहले ही हमें साढ़े बारह बजे रात को एक गरीब परिवार से निमंत्रण मिला। हम मंदिर में दर्शन से पहले ही वहां चला गया।
वहां पता चला कि जिसके लिए वह पचास वर्षों से भटक वह मोदी जी ने पूरा किया
उन्होंने कहा कि पूरा परिवार आरती की थाली लेकर दरवाजे पर खड़ा था। हमने जब आरती का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए कि यह मकान आपने दिया है। हमें हमेशा बेवकूफ बनाया जा रहा था लेकिन किसी ने मकान नहीं दिया। अंदर हमें आसन पर बैठाया। उसने कहा कि रसोई गैस का सिलेंडर व विद्युत का कनेंक्शन भी मोदी जी ने उपलब्ध कराया। मैंने जब लड़की की शादी की तो उस समय कच्चा मकान था। मैं सैकड़ों का मकान बनाया है, लेकिन अपना नहीं बना पाया। इसके लिए पचास वर्षों से भटक रहा था लेकिन मोदी जी ने यह सपना पूरा किया।
एकल अभियान ने साबित कर दिया है कि यहां सेवा भाव ही संस्कृति है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुझे प्रसन्नता कि अशोक सिंघल जी ने जिसका बीजारोणपण किया था, वह एक लाख पार कर लिया। यह एकल अभियान नि:स्वार्थ भाव से कार्य कर रहा है। यह भाव साबित कर रहा है कि यहां सेवा भाव ही संस्कृति। यही अपने राष्ट्र की भी संस्कृति का हिस्सा है। जब स्वयं सेवक किसी कोने में जाकर अपनी मातृभूमि के लिए सेवा के लिए चुनता है तो वह देश के लिए कुछ कर गुजरने की भावना रखता है। यह भाव ही एकल अभियान दर्शाता है, जिनकी प्रेरणा से आपने इसको दो वर्ष पहले ही पूरा कर दिया है।

खेत खलिहान से जाग रहा है भारत- भद्र
एकल अभियान से जुड़े भद्र भाई ने कहा कि भारत जाग रहा है खेत खलिहान से, भारत जाग रहा है, गो समाज से, जो पिछले कई सालों से अपमान सहते-सहते आग बन चुका है, जिनके विष्फोट को दुनिया सह नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि जो बच्चे खेत खलिहान वाले हैं, वे तुम्हारे विदेशी माडल विद्यालय में नहीं आएंगे, क्योंकि वहां अंग्रेजी पाठ पढ़ाने वाले नही आएंगे। भारत के गांव की संस्कृति को समटने वाला विद्यालय चाहिए। इसी सोच के साथ झारखंड राज्य एक जिले के छोटे से गांव में एकल अभियान की शुरूआत हुई। आज खुशी हुई कि पूरे भारत में यह अभियान चल रहा है और एक लाख से ज्यादा विद्यालय खुल गये हैं। यह अनेक वर्षों से मंत्र शक्ति से कल युग में धर्म का रास्ता ही प्रमाणित कर दिया। अशोक सिंहल ने इसे ब्रह्मास्त्र बताया था।
चार लाख विद्यालय खोलने का लक्ष्य
एक अभियान से राजकुमार लोहिया ने कहा कि चार लाख विद्यालय अगले सालों में खोले जाने का लक्ष्य लेकर संगठन चल रहा है। मैं सोचता हूं कि लखनऊ की तरह ही पूरे भारत में भगवा हर वक्त लहराता रहे। 28 लाख से अधिक बच्चे इस अभियान से जुड़े हुए हैं।
हर गांव को विकास से जोड़ रहा एकल अभियान
एपीजे अब्दूल कलाम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने कहा कि एकल का अपना एक स्वरूप है। इस स्वरूप में यह बहुत से गांवों में जा चुका है। हमसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ही कहा कि बिना गांवों को जोड़े हम आगे नहीं बढ़ सकते। हमें भारत के विकास के लिए हर गांव को विकास से जोड़ने होगा। वहीं जोड़ने का कार्य यह एकल अभियान कर रहा है। हम भी आज एमएयू पर हस्ताक्षर कर रहे हैं और इस अभियान के साथ जुड़कर गांवों में संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ शिक्षा में टेक्नोलाजी को बढ़ावा देंगे।






