विपरीत परिस्थितियों में धैर्य की जरुरत

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देश में  लॉकडाउन के लगातार जारी रहने के सिलसिले के बाद भी उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी कोशिशों में किसी तरह की कमी नहीं आने दी है। उसका मुख्य उद्देश्य स्थिति के प्रति सतर्क रहते हुए इसको तेजी के साथ सामान्य बनाने का है। यही कारण है कि चाहे गरीब और निर्धन वर्ग के लोग हों जिनको भोजन मयस्सर नहीं हो रहा था, उनकी समस्या हल करने में पूरी तन्मयता के साथ काम किया और अब स्थिति दूसरी है।

 

इसी तरह मध्यम वर्ग के लोगों के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराना भी एक बड़ा काम था। बड़ा काम इसलिए क्योंकि दुकानें खुलने के साथ लोगों का सोशल डिस्टैंसिंग को बनाए रखना भी सुनिश्चित करना था और इस काम को भी सरकार ने पूरी खूबी के साथ पूरा किया है। यह सब कुछ इस तरह से किया गया है कि जटिल स्थिति भी सामान्य परिस्थिति बनकर सामने आ रही है और लोगों को कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

 

जरूरत यह है कि इस तरह सतर्कता के साथ आगे बढ़ने के क्रम को जारी रखा जाय। कोरोना निगेटिव टेस्ट सामने आ रहे हैं। कहीं उनकी संख्या कम है तो कहीं ज्यादा। इससे यह पता चलता है कि बीमारी को अभी खत्म नहीं माना जा सकता। इसलिए इसके प्रति सतर्कता बरतना भी उतना ही जरूरी हो जाता है।

 

इसी में तबलीगी जमात जैसे संगठनों के लोगों की करतूतें भी सामने आ जाती हैं और सारे किए-धरे पर पानी फेरती दिखाई देती हैं। उनके अलावा भी कुछ लोग जांच या इलाज से भागने में अपना कल्याण समझते हैं जो कि पूरी तरह बेवकूफी वाली सोच है। ऐसे में सरकार के सामने विषम परिस्थिति पैदा हो जाती है। संतोष की बात है कि प्रदेश सरकार इन चुनौतियों का कामयाबी के साथ सामना कर रही है।

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