– बचपन से शोषण, सामूहिक बलात्कार और मांस नोंचने की क्रूरता: फूलन की असली दर्दनाक कहानी
– आज बदल रहा है समाज, ग्रामीण महिलाओं के लिए अब न्याय और सम्मान की नई उम्मीद
लखनऊ : फिल्म बैंडिट क्वीन एक ऐसी फिल्म है जो आज भी अपनी घटनाओं को लेकर चर्चा में रहती है उसके किरदार की वास्तविक कहानियां जब तब कुछ पुराना जख्म कुरेदकर रख देती हैं। अब हाल ही में फिल्म बैंडिट क्वीन के सेट पर घटी एक ऐसी मार्मिक घटना, जिसे सुनकर मन कांप उठता है!
हाल ही में एक पॉडकास्ट में वेटरन अभिनेता गोविंद नामदेव (जिन्होंने फिल्म में ठाकुर श्रीराम का किरदार निभाया था) ने फूलन देवी से जुड़ा एक दिल दहला देने वाला किस्सा सुनाया।
फिल्म की कॉस्ट्यूम डिजाइनर डॉली अहलूवालिया ने निर्देशक शेखर कपूर से अनुमति लेकर जेल में बंद फूलन देवी से मुलाकात की। उनका मकसद था कि असली फूलन देवी के जीवन, उनके व्यक्तित्व और दर्द को गहराई से समझकर किरदार को सही तरीके से पेश किया जा सके।
मुलाकात के दौरान डॉली ने फूलन देवी से सीधा सवाल किया –
“क्या मैं जान सकती हूं कि ऐसा क्या बवाल हुआ था कि आपने उन 24 लोगों को एक लाइन में खड़ा करके गोली मार दी?”
यह सुनते ही फूलन देवी ने अपनी पूरी दर्दभरी कहानी खोलकर बता दी। बचपन से लेकर शादी के बाद पति द्वारा अत्याचार, फिर गांव के ठाकुरों द्वारा सामूहिक बलात्कार… एक-एक करके वे सब कुछ बयां करती चली गईं।
इतना सुनते-सुनते डॉली अहलूवालिया की आंखों से आंसू बहने लगे। वे फूट-फूटकर रो पड़ीं। शायद उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि पूरा गांव किसी एक महिला के साथ ऐसा क्रूर व्यवहार कर सकता है।
फूलन देवी ने उन्हें देखकर थोड़ी झुंझलाहट के साथ कहा –
“रो क्यों रही हो री? अभी तो मैंने आधी बात ही बताई है… पूरी कहानी सुनेगी तो क्या हाल होगा?”
फिर उन्होंने एक ऐसा दृश्य दिखाया जो वहां मौजूद हर शख्स को अंदर तक हिला गया। फूलन देवी ने अपनी छाती की ओर इशारा करते हुए कहा कि
“देखो… यहां ये गहरे निशान हैं।”
उन्होंने बताया कि उन दरिंदों ने सिर्फ बलात्कार ही नहीं किया, बल्कि उनकी छाती का मांस तक नोंच लिया था।
गोविंद नामदेव के अनुसार, यह पल इतना दर्दनाक था कि आज भी इसे याद करके रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इस मुलाकात ने डॉली अहलूवालिया को साफ समझा दिया कि फूलन देवी की कहानी सिर्फ बदले की नहीं थी बल्कि यह वर्षों के अपमान, हिंसा और असहनीय यातनाओं से भरे एक महिला के संघर्ष की कहानी थी।
आज सुकून की बात यह है कि समय बदला है। अब ग्रामीण भारत में कई सामाजिक संगठन, महिला दल, परिषद और वाहिनियां सक्रिय हैं, जो महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। फूलन देवी जैसी घटनाएं अब कम हो रही हैं, लेकिन उनकी कहानी हमें याद दिलाती रहती है कि समाज को और मजबूत बदलाव की जरूरत है।
बता दें कि यह किस्सा गोविंद नामदेव ने कई इंटरव्यू और पॉडकास्ट में शेयर किया है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार सबसे प्रमुख और हालिया रूप से वायरल हुआ वाला The Lallantop के इंटरव्यू/पॉडकास्ट में है (फरवरी 2026 में प्रकाशित), जहां उन्होंने “बैंडिट क्वीन” के सेट से जुड़े इस दर्दनाक किस्से को विस्तार से बताया। इसके अलावा, यह स्टोरी Bollywood Bubble और Pinkvilla/Hindi Rush जैसे प्लेटफॉर्म्स के पॉडकास्ट/इंटरव्यू में भी दोहराई गई है।
बता दें कि यह किस्सा न सिर्फ फिल्म की पृष्ठभूमि बताता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि असली जिंदगी कितनी क्रूर और मार्मिक हो सकती है।







