गुप्त सर्वे करा रहे ट्रंप, उपराष्ट्रपति की क्षमता पर खुद उठा रहे सवाल
नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों अपनी ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ (MAGA) विरासत को लेकर बेहद चिंतित नजर आ रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप 2028 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भारी उलझन में हैं और अपने सबसे करीबी सहयोगियों के बीच गुप्त सर्वे करा रहे हैं।
वेंस vs रूबियो: ट्रंप खुद कर रहे तुलना
ट्रंप अपने सलाहकारों से बार-बार एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि “2028 में पार्टी को कौन संभाल सकता है – जेडी वेंस या मार्को रूबियो?”
उन्हें अपने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पर पूरा भरोसा नहीं है। ट्रंप का मानना है कि वेंस अकेले दम पर चुनाव नहीं जीत सकते। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप बंद कमरों में वेंस की क्षमता पर सवाल उठाते हैं और कहते हैं कि ओहायो से सीनेटर बनने में भी उन्हें उनका पूरा समर्थन चाहिए था।
वेंस पर ट्रंप की शिकायतों की लिस्ट लंबी
ट्रंप वेंस की वफादारी की तारीफ जरूर करते हैं, लेकिन उनकी कई बातों से नाराज भी रहते हैं:
- विदेश नीति पर हिचकिचाहट: ईरान पर सैन्य कार्रवाई को लेकर वेंस के रुख से ट्रंप खुश नहीं थे।
- पाकिस्तान मिशन फेल: वेंस के नेतृत्व वाला पाकिस्तान दौरा नाकाम रहा, जिससे ट्रंप काफी नाराज हुए।
- व्यक्तिगत आदतें: ट्रंप वेंस पर छुट्टियां ज्यादा लेने, बैठकों में बीच में टोकने और इंटरनेट पर बहसबाजी करने का तंज कसते हैं।
- ट्रॉफी वाली घटना: व्हाइट हाउस कार्यक्रम में वेंस के हाथ से ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी की चैंपियनशिप ट्रॉफी गिर जाने पर ट्रंप आज भी मजाक करते हैं।
फिर भी वफादारी सबसे ऊपर
सभी आलोचनाओं के बावजूद ट्रंप वेंस को पसंद करते हैं। उनके लिए वेंस की बेवजह की वफादारी सबसे बड़ी संपत्ति है। वहीं व्हाइट हाउस के अधिकारी इन मतभेदों की खबरों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि जेडी वेंस अमेरिका के इतिहास के सबसे प्रभावशाली उपराष्ट्रपतियों में से एक हैं और उन्हें राष्ट्रपति का पूरा समर्थन हासिल है।
MAGA का सपना अधूरा न रहे
ट्रंप को चिंता है कि उनकी अनुपस्थिति में MAGA आंदोलन कमजोर न पड़ जाए। यही वजह है कि वे लगातार अपने करीबियों से भविष्य के नेतृत्व पर राय ले रहे हैं। विदेश मंत्री मार्को रूबियो को दूसरे विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, जिनकी तुलना ट्रंप वेंस से कर रहे हैं।
यह आंतरिक उलझन दिखाती है कि ट्रंप न सिर्फ अपने कार्यकाल बल्कि उसके बाद भी अमेरिकी राजनीति पर अपना वर्चस्व बनाए रखना चाहते हैं। 2028 का मैदान अभी से गर्म होने लगा है और ट्रंप खुद इसके सबसे बड़े रणनीतिकार बनकर उभर रहे हैं।
तो क्या वेंस ट्रंप की उम्मीदों पर खरे उतर पाएंगे या रूबियो को मिलेगा बड़ा मौका? फिलहाल यह सवाल ट्रंप के मन में सबसे बड़ा है।







