शहर में प्रचार के नाम पर एजेंसियों का अवैध कारोबार, सीएम के आदेश को नहीं मानते प्रचार माफिया

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  • अवैध होर्डिग्स से फिर पटी पड़ी शहर की सड़कें, सीएम के आदेश पर प्रचार माफिया पड़ रहे भारी 

लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शहर से अवैध होर्डिग्स हटाने के आदेश दिए हैं, लेकिन प्रचार माफिया सीएम के आदेशों पर भारी पड़ रहे हैं। सीएम के आदेशों के बाद नगर निगम ने अभियान शुरू किया लेकिन समय रहते सब ठंडे बस्ते में चला गया। हाल यह है कि पहले से कहीं ज्यादा होर्डिग शहर में दिखने लगी हैं। सड़क किनारे हो या छतों पर अथवा यूनीपोल बिना अनुमति के लगा दिए गए हैं। शहर में प्रचार के नाम पर एजेंसियां अवैध कारोबार कर रही हैं। यही नहीं नियम विपरीत आसमान छूती होर्डिग जान का खतरा बन चुकी है।

गलियों में बने भवनों, दुकानों, कांप्लेक्स, आवासीय व व्यवसायिक इमारतों पर कई टनों का जाल लगा हुआ है। आंधी-बारिश के मौसम में इनके गिरने की घटनाओं के बाद भी नगर निगम सख्त नहीं हुआ है। वहीं सड़कों के किनारे अवैध होर्डिग्स को लेकर भी नगर निगम का रवैया लचीला है। समीक्षा बैठक के दौरान सीएम आादित्यनाथ योगी ने नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद अभियान भी चला लेकिन सब कुछ दिन बाद धरा रह गया। हाल यह है कि जर्जर छतों पर लगी होर्डिग्स को लेकर साल भर भी अभी तक 650 होर्डिगों की स्ट्रक्चरल रिपोर्ट नहीं दी गई है। भवनों पर लगी होर्डिग्स के आंधियों के दौरान गिरने की घटनाएं होती हैं। गत वर्ष आई तेजी आंधी ने तबाई मचाई थी।

कई स्थानों पर होर्डिग व यूनीपोल के गिरने से लोग चोटिल हुए थे। दरअसल, नियमानुसार किसी छत पर होर्डिग लगाने के लिए आर्किटेक्चर से बिल्डिंग की स्ट्रक्चरल रिपोर्ट पास होना जरूरी है, लेकिन एजेंसी नगर निगम में गलत रिपोर्ट लगाकर होर्डिग लगा रही हैं। जबकि प्रचार के लिए भी अनुमति नहीं ली जाती है। भूकंप व बारिश को लेकर निजी भवनों एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित विज्ञापन पटों की स्थिरता को लेकर स्ट्रक्चरल अभियंता की रिपोर्ट एजेंसियों से मांगी गई थी।

प्रचार प्रभारी अशोक सिंह ने बताया कि एजेंसियों को भवनों पर लगी होर्डिग के स्ट्रक्चरल रिपोर्ट के लिए कई बार नोटिस भेजी जा चुकी है। एक बार फिर नोटिस भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है। नोटिस के बाद नहीं की कार्रवाई नोटिस में यह भी कहा गया था कि पांच दिन में नोटिस का जवाब न देने पर आईपीसी की धारा 133 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अंतर्गत जानमाल की हानि होने को लेकर मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में संबंधित भवन की होर्डिग हटाने के लिए पुलिस फोर्स के साथ कार्रवाई की जाएगी। यहीं नहीं एजेंसी और मकान मालिक पर जुर्माने की भी कार्रवाई होगी। इसके अलावा एजेंसी को ब्लैक लिस्ट भी कर दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि सभी एजेंसियों को ई-मेल के जरिए नोटिस भेजी गई है। मकान मालिकों को भी नोटिस दी जा रही हैं। यहां लगी हैं भवनों पर होर्डिग्सनिशातगंज, महानगर, अलीगंज, इंदिरानगर, गोमती नगर, डालीगंज, हुसैनगंज, लालबाग, राजाजीपुरम, आलमबाग सहित शहर के हर इलाकें में इमारतों की छतों पर विशालकाय होर्डिग लगी हैं। इन होर्डिग को लगाने के लिए संबंधित मकान मालिक अनापत्ति भी जारी कर देते हैं।483 होर्डिग ही वैध लगी हैं हजारोंशहर में सभी वैध होडिर्ंग पर निगम ने कोडिंग युक्त प्लेट लगाई है।

बताया कि स्थलीय 483 होडिर्ंग, 950 होडिर्ंग छत पर लगाने के लिए वैध हैं। 260 यूनिपोल 12,600 ट्री गार्ड, 60 बस शेल्टर, 63 ट्रैफिक आइलैंड, प्रचार वाहन और क्यास्क के माध्यम से प्रचार के लिए वैधता दी गई है। इसके अलावा शहर भर में लगी सभी होडिर्ंग अवैध हैं। महात्मा गांधी मार्ग, लोरेटो से लेकर अलीगंज, लोहिया पथ और विधानसभा व अशोक मार्ग नो एडवरटाइजिंग जोन घोषित है। इस क्षेत्र में भी लगी होडिर्ंग अवैध हैं। अवैध होडिर्ंग को काटने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इन होडिर्ंग की संख्या ज्यादा है। फिर से अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। –

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