कांग्रेस- जेडीएस गठबंधन की सरकार बनने का रास्ता अब साफ
बैंगलोर,19 मई। आखिरकार आज बीजेपी का गणित बहुमत साबित करने में फेल हो गया। वह बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े भी नहीं जुटा पायी जिससे उसकी बड़ी फजीयत हुई। पहले ही सीएम पद की शपथ ले चुके येदियुरप्पा का कॉन्फिडेंस आज शक्तिपरीक्षण से पहले ही लड़खड़ाता दिख रहा था। और अंतत: वही हुआ जिसका बीजेपी को डर था। बहुमत के लिए जरूरी संख्या बल नहीं मिलने के कारण बीजेपी को सत्ता से हाथ धोना पड़ा।
वहीं कांग्रेस- जेडीएस गठबंधन की सरकार बनने का रास्ता अब साफ हो गया है। आज दिन भर चले पोलिटिकल ड्रामे के बीच लोगों की पूरी निगाहें भारतीय जनता पार्टी के शक्तिपरीक्षण पर लगी रहीं। जिसमे वह बहुमत साबित करने में नाकाम रही। अब लोगो की निगाह कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन और कर्नाटक विधानसभा पर टिकी गयी है. फिलहाल आज जो अंतिम परिणाम जो आया उसमे बहुमत साबित करने में नाकाम रहे और उनसे कर्नाटक का ताज छिन लिया।
एक-एक विधायकों पर पहरा कहाँ से जुटता जादुई आंकड़ा
सदन में आज बीजेपी के लिए 112 विधायकों का जादुई आंकड़ा जुटा पाना एक कठिन कार्य था। कांग्रेस- जेडीएस गठबंधन इसके लिए पहले से अलर्ट थे। जिसमें बीजेपी को सफल नहीं होने पर उसे सत्ता गंवानी पड़ी। फ्लोर टेस्ट से पहले कांग्रेस-जेडीएस ने अपने एक-एक विधायकों पर पहरा लगा रखा था। वहीं पूरे घटनाक्रम पर सुप्रीम कोर्ट की भी नजर थी। राज्यपाल वजुभाई वाला ने येदियुरप्पा सरकार को शपथ भले ही दिला दी थी, लेकिन ऐसी पांच वजहें थीं जिनके चलते येदियुरप्पा की सरकार का जाना तय माना जा रहा था।
मैं जीवन भर जंग लड़ता रहा हूं: येदियुरप्पा
सदन में फ्लोर टेस्ट से पहले येदियुरप्पा ने तीन बजे के करीब अमित शाह से बात की थी और उन्हें स्थितियों से अवगत कराते हुए निर्देश प्राप्त किया। जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तब येदियुरप्पा ने एक भावुक भाषण देते हुए कहा कि इस चुनाव में हम सभी एक दूसरे के खिलाफ लड़े। कर्नाटक की जनता ने बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी के रुप मे उभारा। उन्होंने कहा कि मैं सदैव अपने किसान भाइयों की चिंता करता रहा हूं, उनके जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रयासरत रहा हूं और जब तक जीवित हूं प्रयास करता रहूंगा। इसको लेकर सभी दलों को किसानों के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में संसाधनों की कोई कमी नहीं है, लेकिन ईमानदार नेतृत्व की जरूरत है। आज मेरी अग्निपरीक्षा है। मैं जीवन भर जंग लड़ता रहा हूं। उन्होंने भावुक मन से कहा कि आप सोच के देखिए अगर हमें 113 सीटें दी होती तो राज्य की तस्वीर बदल जाती. येदियुरप्पा ने कहा कि मैं जनता के प्रति आभार व्यक्त करता हूं कि हमें अपार सहयोग दिया। येदियुरप्पा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की चाल से देश को नुकसान पहुंचा है। मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं। यहां से मैं सीधे राज्यपाल के पास जाऊंगा और उनसे मुलाकात कर इस्तीफा पेश करूंगा।







