राम मंदिर हिन्दू समाज का हक़ है इसे वापस मिलना चाहिए और अयोध्या में विवादित स्थल पर भव्य राम मन्दिर बनना चाहिए
लखनऊ, 15 फरवरी। राम मन्दिर के बदले में सौदेबाजी किया जाना देश के साथ धोखा है और शर्म की बात है। जो हक़ है उसको बगैर किसी लालच के बोलना चाहिए। अयोध्या में मन्दिरों को तोड़ कर मीर बाक़ी ने एक मस्जिद बनवाई थी। ऐसी मस्जिद में किसी भी तरह की कोई इबादत जायज़ नहीं है। यह हिन्दू समाज का हक़ है इसे वापस मिलना चाहिए और अयोध्या में विवादित स्थल पर भव्य राम मन्दिर बनना चाहिए। ये जानकारी आज उन्होंने एक मीडिया प्रेस नोट के माध्यम से दी।
उन्होंने कहा कि अयोध्या राम मन्दिर प्रकरण में कट्टरपंथियों द्वारा बातचीत पर तैयार न होने के कारण बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बन्द हो चुके हैं, क्योंकि 1528 ई. में मीर बाक़ी द्वारा बनायी गयी मस्जिद शिया मस्जिद है परन्तु देश के माहौल को खराब करने के लिए कट्टरपंथी मानसिकता के लोग उसे सुन्नी मस्जिद कह कर आज तक मुकदमा लड़ते रहे हैं। शिया वक्फ बोर्ड ने उक्त मस्जिद के शिया होने के साक्ष्य एवं अपना पक्ष मा. उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। जब प्रकरण की सुनवाई शुरू होगी तो यह बात तय हो जायेगी कि यह मीर बाक़ी की बनाई हुई शिया मस्जिद है और शिया वक्फ बोर्ड राष्ट्र हित में इस विवाद को खत्म करने की नीयत से अयोध्या में राम मन्दिर बनाये जाने के पक्ष में है और लखनऊ में मस्जिद-ए-अमन बनवाना चाहता है। शिया वक्फ बोर्ड पहले भी यह स्पष्ट कर चुका है कि अयोध्या व फैज़ाबाद एवं उसके आसपास चौदह कोसी परिक्रमा के दायरे में किसी तरह की कोई नई मस्जिद नहीं बनायेगा।







