रिवर्ट अभियन्ताओं की डिस्काॅम में समूह-“क” की गणना उनके पुनः चार्ज ग्रहण करने की तिथि से की जायेगी: विशाल चौहान

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  • प्रबन्ध निदेशक विशाल चौहान का आश्वासन दलित अभियन्ताओं के साथ नहीं होगा अन्याय
  • एसोसिएशन की प्रान्तीय कार्य समिति की बैठक में इस मुद्दे पर गम्भीर मन्त्रणा

उप्र पावर आॅफीसर्स एसोसिएशन की प्रान्तीय कार्यसमिति की आज एक आवश्यक बैठक फील्ड हाॅस्टल कार्यालय में सम्पन्न हुई जिसमें उ0प्र0 पावर कारपोरेशन द्वारा जारी स्थानान्तरण नीति  में प्राविधानित समूह-“क” के अभियन्ताओं को एक डिस्काॅम में 10 वर्ष ही रखे जाने के मुद्दे पर विचार विमर्श किया गया।

प्रदेश के सभी बिजली कम्पनियों में लगभग 90 प्रतिशत अधिशासी अभियन्ता या उससे उच्च पद पर कार्यरत अभियन्ताओं को सपा सरकार में रिवर्ट कर दिया गया था कुछ को पदों से और ज्यादातर को वरिष्ठता में उसी आधार पर बिजली कम्पनियों में ऐसे सभी अधिशासी अभियन्ताओं जो समूह-“क” में वर्ष 2012 या उसके बाद माना गया और उसके अनुसार पुनः उनसे चार्ज का कार्यभार ग्रहण कराया गया। ऐसे में बिजली कम्पनियों में ऐसे सभी समूह-“क” के अभियन्ताओं की गणना वर्ष 2012 व उसके बाद नियमानुसार किया जाना चाहिए जिस पर कुछ कम्पनियाँ हीला हवाली कर रही थी और उनके कार्यकाल की गणना पूर्व से कर रही थी जिससे सभी कम्पनियों में समूह-“क” के अन्तर्गत गलत तरीके से 95 प्रतिशत दलित अभियन्ता ही डिस्काॅम से बाहर किये जाने हेतु प्रस्तावित किये जा रहे थे।

इस घटना से पूरे प्रदेश के दलित अभियन्ताओं में काफी रोष व्याप्त था। उप्र पावर आॅफीसर्स एसोसिएशन की प्रान्तीय कार्यसमिति की आज एक आवश्यक बैठक फील्ड हाॅस्टल कार्यालय में सम्पन्न हुई जिसमें उप्र पावर कारपोरेशन द्वारा जारी स्थानान्तरण नीति  में प्राविधानित समूह-“क” के अभियन्ताओं को एक डिस्काॅम में 10 वर्ष ही रखे जाने के मुद्दे पर विचार विमर्श किया गया।

प्रदेश के सभी बिजली कम्पनियों में लगभग 90 प्रतिशत अधिशासी अभियन्ता या उससे उच्च पद पर कार्यरत अभियन्ताओं को सपा सरकार में रिवर्ट कर दिया गया था कुछ को पदों से और ज्यादातर को वरिष्ठता में उसी आधार पर बिजली कम्पनियों में ऐसे सभी अधिशासी अभियन्ताओं जो समूह-“क” में वर्ष 2012 या उसके बाद माना गया और उसके अनुसार पुनः उनसे चार्ज का कार्यभार ग्रहण कराया गया। ऐसे में बिजली कम्पनियों में ऐसे सभी समूह-“क” के अभियन्ताओं की गणना वर्ष 2012 व उसके बाद नियमानुसार किया जाना चाहिए जिस पर कुछ कम्पनियाँ हीला हवाली कर रही थी और उनके कार्यकाल की गणना पूर्व से कर रही थी जिससे सभी कम्पनियों में समूह-“क” के अन्तर्गत गलत तरीके से 95 प्रतिशत दलित अभियन्ता ही डिस्काॅम से बाहर किये जाने हेतु प्रस्तावित किये जा रहे थे।

इस घटना से पूरे प्रदेश के दलित अभियन्ताओं में काफी रोष व्याप्त था। उ0प्र0 पावर आॅफीसर्स एसोसिएशन की बैठक के बाद एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा नें पूरे मामले पर शक्तिभवन में सायंः 4.00 बजे पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक, श्री विशाल चैहान जी से मुलाकात कर वार्ता की और उन्हें पूरे मामले से अवगत कराते हुए पूर्व में कारपोरेशन को भेजे गये पत्र को भी सौंपा। एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री वर्मा को उ0प्र0 पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक विशाल चैहान ने आश्वस्त किया कि सभी बिजली कम्पनियों में रिर्वशन के बाद जिन अधिशासी अभियन्ताओं व अन्य अभियन्ताओं द्वारा वर्ष 2012 व उसके बाद समूह-“क” हेतु पुनः कार्यभार ग्रहण किया गया है उसी दिनांक से ऐसे सभी दलित अधिशासी अभियन्ताओं व अन्य अभियन्ताओं की समूह-“क” की गणना की जायेगी। किसी भी दलित अभियन्ता के साथ अन्याय नहीं होगा। फील्ड हाॅस्टल में आज अपरान्ह 02.30 बजे इस मुद्दे पर बुलाई गयी बैठक में एसोसिएशन के अतिरिक्त महासचिव अनिल कुमार, सचिव, आर0पी0 केन, ट्राॅस्को अध्यक्ष, महेन्द्र सिंह, लेसा अध्यक्ष अजय कुमार, अधिशासी अभियन्ता, राजेश कुमार, आदर्श कौशल, अशोक कुमार, एम0के0 अहिरवार, सहायक अभियन्ता घनेन्द्र कुमार, रंजीत कुमार व आजाद उपस्थित थे।