गोवर्धन

0
327
गोवर्धनधारी को
बारम्बार प्रणाम।
अहंकार की वृष्टि से
संरक्षण-घनश्याम।।
वन, कृषि और गऊ
जल, जीवन, संसार।
शास्वत है सन्देश यह
मानवता की आस।।
– दिलीप अग्निहोत्री

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here