Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 573 कारे कारे बादरा, उमड़-घुमड़ रह जाएं। गरजे पर बरसे नहीं, नाहक जिया जरायें।। नाहक जिया जरायें, बादरा मानसून के, सांसत में है जान, ना आए पल सुकून के, नेताओं की तरह, तुम्हारे लक्षन सारे। हाथी के दांत बादरा कारे कारे।। -सीएम त्रिपाठी
‘सेल्स’ अब सिर्फ बिजनेस नहीं, जीवन का जरूरी कौशल है! मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की नितीन ढबू की किताब का विमोचन
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Lovely sentiments.