जाल और जंगल

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संजय झा मस्तान

किसी भी शुभ कार्य को आरंभ करने से पहले सोशल मिडिया में हैशटैग का चिन्ह बनाकर उसको शेयर करने का बहुत महत्व है ! मान्यता है कि ऐसा करने से कार्य वायरल होता है ! हर – हर महादेव में हैशटैग लगा कर देखिये, बात सीधे कैलाश पर्वत पहुँच जायेगी !

ऑनलाइन जंगल में ट्रेंड के सब गुलाम हैं ! इंटरनेट पर जो भी ट्रेंड करता है उसको सब लोग फॉलो करना चाहते हैं और उससे जुड़ना चाहते हैं ! सोशल मीडिया में हैशटैग लगाकर किसी भी सामग्री को साझा करने का मुख्य उद्देश्य यही होता है कि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँच सके और बदले में ज्यादा से ज्यादा लोग उनको फॉलो कर सकें !

हैशटैग की जाल में फंसने के बाद कबूतर बहुत उदास हो गए क्योंकि वे जानते थे कि उनका अंत निकट था ! सोशल साइट पर कबूतरों के नेता ने उन्हें हिम्मत न हारने की सलाह दी ! हैश – टैग में जाल की तरह चार प्रकार की रेखाएं होती हैं, जिनका आकार एक समान होता है ! कबूतरों ने जाल को करीब से देखा, जाल हैशटैग का एक चादर था !

एक बुद्धिमान कबूतर जिसे एकता की शक्ति का पता था, उसने जाल के नेता से बात की ! हैशटैग ने राज़ की बात कही कि यदि वे एकजुट होकर जोर लगाएं तो हैशटैग को लेकर उड़ सकते हैं ! सभी कबूतरों ने एक साथ जोर लगाया और हैशटैग के जाल को ही लेकर उड़ गए ! कबूतरों को हैशटैग के साथ उड़ता देख इंटरनेट बहेलिया हाथ मलता रह गया !

# ये कहानी #हैशटैग की है, इससे जुड़े असंख्य शब्द या किसी एक मुहीम की नहीं!  http://sanjayuvaach.com/

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