Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 520 उसका पल्लू थाम लें, जिससे बनता काम। गयाराम कल तलक थे, अब हैं आयाराम।। अब हैं आया राम, न कल का रहे ठिकाना, किस खेमे में रहे, कहां हो आबूदाना, पक्के तोताचश्म, ना समझो इनको लल्लू। जिससे बनता काम, थाम ले उसका पल्लू।। सीएम त्रिपाठी
‘सेल्स’ अब सिर्फ बिजनेस नहीं, जीवन का जरूरी कौशल है! मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की नितीन ढबू की किताब का विमोचन