Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 528 उसका पल्लू थाम लें, जिससे बनता काम। गयाराम कल तलक थे, अब हैं आयाराम।। अब हैं आया राम, न कल का रहे ठिकाना, किस खेमे में रहे, कहां हो आबूदाना, पक्के तोताचश्म, ना समझो इनको लल्लू। जिससे बनता काम, थाम ले उसका पल्लू।। सीएम त्रिपाठी