Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 577 जनता को मिलती रहे, भाषण की खुराक। बची रहे इस दौर में, लोकतंत्र की नाक।। लोकतंत्र की नाक, कभी कटने न पाए, नेताओं की तोंद, दिनों दिन बढ़ती जाए, जिसने ली यह सीख, मुकद्दर उसका बनता। अपनी टोपी बचे, भाड़ में जाए जनता।। – सीएम त्रिपाठी
‘पुस्तकें मन को एकाग्र कर परंपराओं से जोड़ती हैं’-ब्रजेश पाठक; ईशा-मीशा रतन की कथक प्रस्तुति ने मोहा मन