Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 541 आजादी को हो रहे, आज बहत्तर साल। लोकतंत्र आज बौना हुआ, नेता मालामाल।। नेता मालामाल, करें व्यारे के न्यारे, जनता का दुर्भाग्य कड़ी है हाथ पसारे, कल थी उजली, आज पाप ढोती है खादी। किस मुँह से फिर कहें, मुबारक हो आजादी।। -सीएम त्रिपाठी
‘सेल्स’ अब सिर्फ बिजनेस नहीं, जीवन का जरूरी कौशल है! मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की नितीन ढबू की किताब का विमोचन