Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 539 पग पग पर तीर्थ हैं मंदिर हैं बहुतेरे खुदा की चौखटें गुरू के द्वार औ ईसा के घर भी हैं बहुतेरे, हर पग से हर साँस से हर आस से कुछ मिलेगा जरूर मिलेगा पर उतना ही जितना तू है अपने भीतर से परमार्थी दयावान …. !!