Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 612 नेता जी चाल पर, मचा हुआ है शोर। अभी अभी इस ओर थे, अभी अभी उस ओर।। अभी अभी उस ओर, दे रहे उसको गाली. कभी बजाते रहे, साथ में जिनके ताली. मसला है गंभीर, बात नहीं यह हंसी की। करते रहिये गौर, चाल पर नेता जी की।। -सीएम त्रिपाठी
‘पुस्तकें मन को एकाग्र कर परंपराओं से जोड़ती हैं’-ब्रजेश पाठक; ईशा-मीशा रतन की कथक प्रस्तुति ने मोहा मन