महामहिम मार्क जुकर बर्ग को फेसबुक के लिए धन्यवाद दें, या नई पीढ़ी को इस बुखार में देखकर छाती पीटें। फेसबुक बुखार ने नई पीढ़ी को इस कदर अपनी चपेट में ले लिया है कि वह 24 में से 18 20 घंटे इसी को दे रहे हैं। हम स्वाइन फ्लू और बर्ड फ्लू सुनकर परेशान हो जाते हैं। जबकि फेसबुक फीवर के सामने यह कुछ भी नहीं है। हर घर में यह बुखार चल रहा है और अभिभावक का हक टोटका बेअसर हो रहा है स्कूल कॉलेज की किताबों का पिरामिड बनाकर बच्चा फेसबुक में लीन हो जाता है और मां-बाप समझते हैं कि होनहार बेटा भविष्य निर्माण में लगा है।
शहर से गांव तक हमारे देश के भविष्य से फेसबुक बुखार में ग्रस्त हैं। क्लास रूम में भी फोन बंद नहीं होता। खाना खाते वक्त भी चैटिंग चालू रहती हैं। रात आई बहार आई साथ में उन लोगों की नई जमात लाई मां बाप सो रहे हैं। मगर श्रवण कुमार जाग रहा है। किताबों का पिरामिड तैयार है। बेटा भले पढ़ाई के मामले में कालिदास हो, किंतु उसका फोन स्मार्ट है बेटे ने खाना खा लिया है फोन रिचार्ज तो पर लगा है फोन रिचार्ज होते ही बेटा चार्ज हो जाएगा। भविष्य निर्माण का अगला एपिसोड थके हारे मां बाप के सोते ही शुरू हो जाएगा। जैसे -जैसे रात भारी हो रही है। फेसबुक फीवर वालों की चुस्ती-फुर्ती देखने लायक है भविष्य और चरित्र निर्माण की घड़ी आ गई उल्लू सो चुका है। उल्लू का पट्ठा जाग रहा है।
रात के 2:30 बज रहे थे। हर घर के मालिक खराटे मार रहे हैं। मगर हर घर का भविष्य चैतन्य जागरूक है और फेसबुक पर तपस्या में लीन है। लिखाई में में कराहने वालों की उंगलियां फेसबुक के की बोर्ड पर इतनी रफ्तार से चल रही है कि सुपर सोनिक जहाज शरमा जाए। मैसेज खंगाले जा रहे हैं। पोस्ट भेजी जा रही है। फ्रेंड रिक्वेस्ट का ज्वार उफान पर है फ्रेंड रिक्वेस्ट तेजी से भेजी जा रही हैं। इधर से अग्निबाण छूटा उधर से रिक्वेस्ट मंजूर।
दोनों तरफ से शीतल पुरवाई बह रही है आग बराबर लगी हुई है एक से एक हूर परी फिदा होती चली जा रही हैं (बौड़म बेटा यह भी नहीं समझ रहा है कि इन सारी हूर परियों के चेहरे के पीछे कोई शातिर दिमाग पुरुष का भी हो सकता है।) रात के 3:00 बज चुके हैं कॉलोनी का चौकीदार सो चुका है। उस पर दिव्य दारु चढ़ चुकी है। मगर कुत्ता जाग रहा है। कई फ्लैटों की खिड़कियों के पीछे सुरमई उजाला नजर आ रहा है। जो फेसबुक चलाने से आसपास फैलता है। कुत्ता पूरी तरह इरिटेट हो रहा है वह एक फ्लैट की तरफ मुँह उठा कर भौकता है। अबे ओ जुकर बर्ग की औलाद फोन बंद कर और सो जा वरना दिन में, मैं तेरी टांग में रेबीज डाल दूंगा! साले दिन में सोता है। रात में फेसबुक चलाता है एक फ्रेंड रिक्वेस्ट मेरे पास भी भेज दें हम बने तुम बने एक दूजे के लिए।
शायद मार्क जुकर बर्ग ने कभी ना सोचा होगा कि उनकी क्रांतिकारी खोज का इतना व्यापक असर होगा। आज हर घर का बच्चा फेसबुक फीवर की गिरफ्त में है। खाते-पीते सोते जागते -उठते बैठते -सफर करते फेसबुक ऑन रहता है। नेता अभिनेता जनता जनार्दन सभी पूरी तन्मयता से फेसबुक देवता को अर्घ दे रहे हैं। पोस्ट डाली नहीं कि लाइक और कमेंट की चिंता सताने लगी। बरसो भगवान इसी में इसी बन में, जैसे भेजने वाले, वैसे लाइक करने वाले विजेता के मामले में गधे से मिलो आगे अभी 10 जून को मेरी नजर एक पोस्ट पर पड़ी हमारे एक मित्र ने अपनी माता जी की आकस्मिक दुखद मृत्यु पर पोस्ट डाली। कमेंट तो दो-तीन ही आए मगर उनकी माता जी की दुखद मृत्यु को लाइक पसंद करने वालों की संख्या 7 के ऊपर थी।
रिक्वेस्ट अगले दिन मंजूर, साथ में फीलिंग अलोन का घातक आमंत्रण भी अब तो पांडे जी की स्थिति ऐसी हो गई। मेरा पढ़ने में नहीं लागे दिल गांव की सीधी-सादी पत्नी में मेनका ढूंढने लगे। दिल में दो- दो लड्डू फूट रहे थे। और पांडे जी को अपनी सुंदर- सुंदर बीवी अचानक ताड़का लगने लगी।
बीवी हैरान! पंडित जी पूरी रात चैट करते हैं । पूछने पर जवाब देते तपोबल बढ़ा रहा हूं। घर में आसुरी शक्तियां विद्यमान हैं। बड़ी मुश्किल से उनके मित्रों ने उन्हें मुंडन से बचाया। फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट की शतरंज खेलने वाले कभी कभी बुरी नौबत से गुजरते हैं। हमारे एक मित्र की बीवी की तस्वीर फेसबुक पर देखकर एक साहब फ्लैट हो गए और अनेक कटोरा फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दिया। मंजूर होते ही दिल पहलू से फिसलकर अब वॉल पर डिस्प्ले होने लगा। उधर से भी उन्हीं की भाषा में पोस्ट भेजी गई। बस उन्होंने फ़ौरन शादी का प्रस्ताव पेश कर दिया। मित्र की बीवी ने 20 साल पहले की तस्वीर डीपी पर लगा रखी थी आज भी है।
फेसबुक फीवर की चपेट में आकर युवा नस्ल जाने किस हवा में उड़ रही है सोशल मीडिया का उपयोग समाज और देश हित में कम नफरत और समाज विरोधी पोस्ट डालने में ज्यादा हो रहा है। एक दूसरे के मजहब पर खुलकर हमले और गाली गलौज चल रहा है। एक से एक खैराती लाल धर्म पर वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। एक दूसरे के धर्म की जड़ में मट्ठा डालने वाला बयान दे रहे हैं और लाइक करने वाले उन्हें प्रोत्साहन दे रहे हैं। एक से बढ़कर दुर्लभ जानकारियों से लबालब दिव्य वीडियो!
मेरे पड़ोसी दुखियारी लाल जी अपने होनहार बेटे का दुखड़ा रो रहे हैं। रात भर फोन पर लगा रहता है दिन भर रोता रहता है। पड़ोसी का कुत्ता भी इतनी मेहनत नहीं करता पहले मैं खुश था कि लड़का चरित्र निर्माण में लगा है। अब पता चला कि फेसबुक और व्हाट्सप्प पर तपस्या कर रहा है। मैं क्या करूं राम ऐसा बेटा मिल गया। फेसबुक फीवर में लिप्त मिस्टर शर्मा अपनी युवा बेटी से दुखी हैं। वह इतना फोन चलाती की आंखें कमजोर हो गई है। खाना पीना सोना सब फोन के हवाले। कब तक डाटु। अब तो बच्चों से भी डर लगता है।
पत्रकार सिद्दीकी साहब घनघोर दुखी हैं बेटा बाथरूम और टॉयलेट तक में फोन का पीछा नहीं छोड़ रहा है। कल उनकी बेगम माथा पीट रही थी। इंजीनियरिंग कर रहा है मगर किताबों से ज्यादा फोन को टाइम देता है। जाने 24 घंटे क्या करता है फोन में! कब तक समझाऊं! हर घड़ी की एक ही कहानी है। वह दिन हवा हुए जब आज्ञाकारी औलादें बाप की डांट से सिरह उठती थी। अब तो कई बाप अपने बेटे से डरते हैं। कभी बाप को आता देख कर बेटे अदब से खामोश हो जाते थे। अब तो कई कलयुग की संताने उल्टे बाप को सुझाव देते हैं। चुप बैठे रहो तुम बूढ़े हो!
संस्कार और तहसील का वॉटर लेबल गिर रहा है। अपराध बहुत बढ़ रहा है। नई पीढ़ी में जाने कहां से इतनी बगावत आ गई है। फेसबुक व्हाट्सप्प पर आते वीडियो और इंटरनेट के समंदर ने उन्हें हिंसा और वल्गर ज्ञान की डोज दे दी है। वह अनंत ज्ञान के समंदर में मोती तलाश रहे हैं। जिस पीढ़ी पर देश के नेतृत्व और भविष्य का दारोमदार है वह फेसबुक पर दिशाहीन मंजिल तलाश रही है। गूगल बाबा से सकारात्मक जानकारी लेने के बजाय आत्मा को परमात्मा में लगाया जा रहा है। हुक्का पार्लर से ब्यूटी पार्लर तक चरित्र प्रमाण की बयार चल रही है।
फेसबुक का नशा इतना विकट है कि सड़क पर पैदल चलते फोन में कोई बच्चों के साथ आए दिन दुर्घटनाएं घट रही हैं। फिर भी दिल है कि मानता नहीं! इस फेसबुक फीवर ने झूठ बोलना सिखा दिया। सूचना संपर्क और संचार क्रांति ने दुनिया मुट्ठी में भले समेट भी हो पर युवा शक्ति को मुट्ठी में बीच लिया है। आत्मा से बार-बार आवाज आती है ‘जुकर बर्ग बाबा!’
फेसबुक की शक्ल में हर घर में कैसी मोहनी उड़ेल दी है। कैसा घमासान मचा है बेटा और अब्बा जान एक ही मेनका को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज रहे हैं। चरित्र का बहीखाता देखकर बाप सकते में हैं और फेसबुक पर दीक्षा ले रहा है बेटा गा रहा है पापा कहते हैं बड़ा काम करेगा।
-सुलतान भारती, सुपर आईडिया से साभार







