लखनऊ, 22 मार्च। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्विद्यालय, लखनऊ में आज बी.टेक छात्रो ने मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि कोर्स शुरू हुए 5 वर्ष हो चुके है, लेकिन अभी तक इस कोर्स में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जैसे कि लैब, स्थायी शिक्षक, कोर्स का AICTE से मान्यता प्राप्त ना होना, खुद का भवन ना होना, कक्षाएं कभी प्रेक्षागृह तो कभी पुस्तकालय में चलती थी, जिसके लिए छात्रों ने कई बार कुलपति को ज्ञापन दिया एवम इन समस्याओं से अवगत कराया, जिससे बी.टेक के छात्रों को भवन तो उपलब्ध हो गया, लेकिन बाकी समस्याएँ वैसी की वैसी ही रही ।

छात्रों का कहना है कि इससे पहले जो निदेशक थे, वो छात्रों की समस्याओं को सुनते और समझते थे और उसे हल करने की कोशिश करते थे । छात्रों का आरोप है कि जब से निदेशक आये है, तब से छात्रों की दुर्दशा हो गयी है, निदेशक ना ही किसी की बात सुनते है ना ही उसे हल करते है ।
छात्रों का आरोप है कि बी.टेक के छात्रों की सुनने वाला कोई नही है, छात्र अपनी डिग्री और मार्कशीट के लिए प्रशासन के चक्कर लगाते रहते है, लेकिन कोई सुनवाई नही होती।
जब छात्रों पर गरज पड़े पड़े निदेशक:
छात्रों का कहना है कि आज 22 मार्च को जब निदेशक छात्रों से बात कर रहे थे, कोर्स को बंद करने के संबंध में वो तानाशाही रवैया दिखाते हुए छात्रों पर गरज पड़े, और अपशब्द कहते हुए छात्रों को निलंबित कर उनपर FIR करवा के उनके भविष्य को बर्बाद करने की धमकी दे डाली।
जिससे छात्रों में भारी रोष व्याप्त हो गया और वे निदेशक और प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ गए और निदेशक व प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी करने लगे।
छात्रों की कहना है कि बी.टेक विभाग में 1लाख 20 हजार रुपये सालाना फीस देने के बाद भी उनको स्थायी शिक्षक, लैब और मूलभूत सुविधाएं नही है।
उन्होंने कहा कि कोर्स को बंद करने के बजाय उसकी समस्याओं का निदान हो और वर्तमान निदेशक को हटा कर या तो पूर्व निदेशक को लाया जाए या किसी और को।







