‘रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान’ की टीम ने किया बेलवादह का दौरा; राखड़ बांध से डूबे मकान-खेत और NGT में याचिका दायर करने की चेतावनी।
लखनऊ/सोनभद्र: अनपरा थर्मल पावर प्लांट की राख सीधे रिहंद डैम में बहाए जाने का मामला सामने आया है, जिससे रिहंद का पानी जहरीला होने के साथ-साथ गंभीर पर्यावरणीय संकट खड़ा हो गया है। ‘रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान’ (रोसा) की एक टीम ने प्रभावित क्षेत्र बेलवादह का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि राखड़ बांध के कारण उनके मकान और खेत तक डूब चुके हैं, जिसका आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला है।
दौरे के बाद टीम ने कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि इसके खिलाफ जल्द ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में याचिका दायर की जाएगी और जिलाधिकारी, उत्तर प्रदेश सरकार तथा प्रबंध निदेशक को पत्रक भेजा जाएगा। टीम में आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के प्रदेश महासचिव दिनकर कपूर, रामकृष्ण बैगा, रूबी सिंह गोंड, इंद्रदेव खरवार, सविता गोंड और तेजधारी गुप्ता शामिल रहे।
रोसा टीम ने मांग की है कि डिबुलगंज सरकारी संयुक्त चिकित्सालय को उन्नत कर एक सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में बदला जाए, ताकि प्रदूषण से फैल रही गंभीर बीमारियों से लोगों को बचाया जा सके। दौरे के अंत में स्थानीय युवाओं की एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें 1-2 नवंबर को वाराणसी में होने वाली ‘नई पीढ़ी वर्कशॉप’ में शामिल होने की अपील की गई।







