लखनऊ, 5 जून 2026 : विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से भूमाफिया, वन माफिया, खनन माफिया और स्मगलरों के खिलाफ सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोई टोंटी चोरी कर रहा है, कोई पानी बहा रहा है – ऐसे लोगों को तुरंत टोकें।
पांच संकल्प दिलाए सीएम ने
सीएम योगी ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘उत्तर प्रदेश में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान’ विषयक संगोष्ठी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जनता से पांच संकल्प कराए:
- एक पेड़ मां के नाम लगाना
- पेड़ों की सुरक्षा करना
- जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाना
- सिंगल यूज प्लास्टिक का बहिष्कार
- प्रकृति के अनुरूप जीवन शैली अपनाना
जल है तो कल है, वन है तो जीवन है
अपने संबोधन में सीएम ने कहा, “जल है तो कल है, वन है तो जीवन है।” उन्होंने चेतावया कि मौसम चक्र में बदलाव से किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। 25 वर्ष पहले की तुलना में मौसम में डेढ़ महीने का अंतर आ गया है।सीएम ने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा – “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी”। मां और मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर हैं, इसलिए उन प्रति कर्तव्य निभाना हमारा दायित्व है।
जुलाई में एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाएंगे
सीएम योगी ने बड़ा ऐलान किया कि जुलाई में पूरे प्रदेश में एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 2017 में मात्र 5 लाख पौधे उपलब्ध थे, जबकि आज 55 करोड़ पौधे तैयार हैं। वर्तमान में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 5 करोड़ पौधे लगाए जा रहे हैं।
उपलब्धियां गिनाईं
- 9 वर्ष में 242 करोड़ पौधे लगाए गए
- रामसर साइट्स 1 से बढ़कर 13 हो गईं (सुरहा ताल, चिलुआताल, रामगढ़ताल सहित)
- कुकरैल, रामगढ़ताल और चिलुआताल जैसे जलाशयों को अतिक्रमण मुक्त कर संरक्षित किया
- इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के बावजूद फॉरेस्ट कवर में वृद्धि
सीएम ने कुकरैल वन का उदाहरण देते हुए कहा कि प्राकृतिक क्षेत्रों में तापमान 4-5 डिग्री कम रहता है।
कार्यक्रम में मौजूद रहे
- वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना
- वन राज्यमंत्री केपी मलिक
- प्रमुख सचिव वन वी. हेकाली झिमोमी
- अन्य वरिष्ठ अधिकारी
सीएम योगी का संदेश साफ था – “प्रकृति सुरक्षित रहेगी तभी मानवता सुरक्षित रहेगी”। इस संगोष्ठी ने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सामूहिक संकल्प को और मजबूत किया।







