यह कई म्यूटेशन से बना जो इम्यून को चकमा देने की क्षमता रखता है: डब्ल्युएचओ
नई दिल्ली, 02 सितम्बर, 2021: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्युएचओ) ने कहा है कि कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ‘एमयू’ में वैक्सीन प्रतिरोध के संभावित लक्षण दिखे हैं। इसने वायरस के नए रूप को ‘वेरिएंट ऑफ इन्ट्रस्ट’ की कैटेगरी में रखते हुए कहा है कि इस करीब से निगाह रखी जा रही है। संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य संगठन ने मंगलवार को साप्ताहिक बुलेटिन में यह बात कही। एमयू को इसके वैज्ञानिक नाम बी.1.621 से भी जाना जाता है। इसे 30 अगस्त को डब्ल्युएचओ की निगरानी सूची में रखा गया था और यह कई म्यूटेशन से बना हुआ है, जो इम्यून को चकमा देने की क्षमता की ओर इशारा करता है। इसने यह भी कहा है कि म्यूटेशन की व्यापकता को उचित महत्व देना चाहिए, क्योंकि सभी देशों में सही सिक्वेंसिंग की व्यवस्था नहीं है।
यूएन एजेंसी ने हालांकि यह भी साफ किया कि ‘इम्यून को चकमा’ देने की क्षमता और वैक्सीन प्रतिरोध को लेकर और अधिक शोध की आवश्यकता है। डब्ल्युएचओ ने कहा, ”इस प्रकार के फेनोटाइपिक और क्लीनिकल विशेषताओं को समझने के लिए और अधिक अध्ययन की आवश्यकता है।”
स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि शुरुआती डेटा दिखाता है कि एमयू ने उसी तरह का व्यवहार दिखाया है, जैसा बीटा वेरिएंट ने साउथ अफ्रीका में मिलने पर दिखाया था। पिछले चार सप्ताह में मरीजों से लिए गए वायरस सैंपल के 4,500 से अधिक स्वीकेंस, जीनोम सीक्वेंस में एमयू पाए गए हैं। इन सीक्वेंस का इस्तेमाल किसी आबादी में वायरस के प्रसार को ट्रैक करने के लिए किया जाता है। एमयू वेरिएंट सबसे पहले जनवरी 2021 में कोलंबिया में पहचाना गया था। साउथ अफ्रीका और यूरोप में इसके बड़े प्रसार की रिपोर्ट है।







