लगातार हो रही कार्रवाई, संजय उपाध्याय पर शासन की गिरी गाज
लखनऊ, 30 नवम्बर 2021: शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ की कार्रवाई जारी है। सरकार ने मंगलवार को परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय को निलंबित कर दिया है। उन्हीं को परीक्षा कराने की जिम्मेदारी दी गयी थी। वहीं दूसरी तरफ एसटीएफ की नोएडा इकाई ने दिल्ली स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस मालिक को गिरफ्तार किया है।
एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि राय अनूप प्रसाद की दिल्ली के ओखला में प्रिंटिंग प्रेस है। वह मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले हैं। दरअसल, थाना सूरजपुर में एसटीएफ ने पांच प्रिंटिंग प्रेस के मालिकों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है। जांच में पता चला है कि कोलकाता, नोएडा, दिल्ली में स्थित कई प्रिंटिंग प्रेस में टीईटी की परीक्षा के प्रश्न पत्र छपवाए गए थे। इससे पहले बागपत से भी एक आरोपी को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है।
वहीं उत्तर प्रदेश शासन में बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव आरवी सिंह ने बताया कि संजय उपाध्याय के स्थान पर अभी किसी की तैनाती नहीं हुई है। शीघ्र ही किसी की तैनाती की जाएगी। 28 नवम्बर को इसका पेपर लीक होने के बाद से ही एक्शन में आए सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिम्मेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सचिव परीक्षा नियामक संजय उपाध्याय को शुचितापूर्ण, नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से यूपी-टीईटी न किराने का प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। यूपी टीईटी मामले में शासन को अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है।
महत्वपूर्ण परीक्षा की व्यवस्था संभाल न पाने और प्रथम दृष्टया गोपनीयता न बरतने पर कार्रवाई की गई है। अब सरकार का लक्ष्य 28 दिसंबर से पहले परीक्षा कराने का है। माना जा रहा है कि सरकार 26 दिसंबर को परीक्षा का आयोजन कराएगी। उत्तर प्रदेश शासन में बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव आरवी सिंह ने बताया कि संजय उपाध्याय के स्थान पर अभी किसी की तैनाती नहीं हुई है। शीघ्र ही किसी की तैनाती की जाएगी।
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने की गाज सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय कुमार उपाध्याय पर गिरी है। 28 नवम्बर को इसका पेपर लीक होने के बाद से ही एक्शन में आए सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिम्मेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
सचिव परीक्षा नियामक संजय उपाध्याय को शुचितापूर्ण, नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से यूपी-टीईटी न किराने का प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। यूपी टीईटी मामले में शासन को अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। महत्वपूर्ण परीक्षा की व्यवस्था संभाल न पाने और प्रथम दृष्टया गोपनीयता न बरतने पर कार्रवाई की गई है। अब सरकार का लक्ष्य 28 दिसंबर से पहले परीक्षा कराने का है। माना जा रहा है कि सरकार 26 दिसंबर को परीक्षा का आयोजन कराएगी।








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