- मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया बयान बिजली के दाम नहीं बढ़ेंगे का एलान सराहनीय
- माननीय मुख्यमंत्री जी से उपभोक्ता परिषद् की मांग उपभोक्ता परिषद् द्वारा आयोग में दाखिल ’’कोविड राहत टैरिफ’’ प्रस्ताव का यदि पावर कार्पोरेशन कर दे सपोर्ट तो प्रदेश के उपभोक्ताओ की दरों में हो जाएगी कमी
लखनऊ, 28 मई, 2021: प्रदेश की बिजली कम्पनियो द्वारा प्रदेश के उपभोक्ताओ के ऊपर रेगुलेटरी सरचार्ज 10 से 12 प्रतिशत लगवाने की साजिश करना और खारिज स्लैब परिवर्तन को लागू कराने को लेकर जहा उपभोक्ता परिषद ने बिजली दर की सुनवाई में बिजली कम्पनियो के प्रस्ताव को असंवैधानिक बताते हुए कड़ा विरोध किया था और कोविद राहत टैरिफ का शिडूल्ड दाखिल किया था नियामक आयोग ने भी बिजली कम्पनियो के प्रस्ताव पर उगली उठाई थी और वर्तमान में पूरा मामला विचाराधीन है।
आज प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा कोरोना माहमारी को देखते हुए यह एलान किया है कि बिजली दर में कोई इजाफा नहीं किया जायेगा निश्चित ही सराहनीय कदम है लेकिन उपभोक्ता परिषद माननीय मुख्यमंत्री को बताना चाहता है की प्रदेश के उपभोक्ताओ का बिजली कम्पनियो पर लगभग 19537 करोड़ रुपया निकल रहा है जिसके एवज में उपभोक्ता परिषद ने बिजली दरो में कमी कराने के लिए कोविद राहत टैरिफ प्रस्ताव नियामक आयोग में दाखिल किया है और सुनवाई में उस पर लम्बी चर्चा भी आयोग में हुई है जिस पर विद्युत नियामक आयोग ने 7 दिन में पावर कार्पोरेशन से उनका जबाब और मत माँगा है ऐसे में माननीय मुख्यमंत्री जी पावर कार्पोरेशन को केवल निर्देश दे दे की उपभोक्ता परिषद् के प्रस्ताव पर पावर कार्पोरेशन सहयोग कर दे प्रदेश के उपभोक्ताओ को कोरोना संकट में बड़ी राहत मिल जाएगी।

सराहनीय कदम: अवधेश कुमार वर्मा
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा जी से फोन पर बात कर यह मांग उठाई कि अगर सरकार परिषद के प्रस्ताव का सपोर्ट कर दे तो इस बार प्रदेश के उपभोक्ताओ को कोरोना संकट के बीच बड़ा तोहफा मिलना तय है ऐसे में सरकार 3 करोड़ उपभोक्ताओ के पक्ष में इस बार बड़ा निर्णय लेने का फैसला करे प्रदेश के सभी उपभोक्ता सरकार के आभारी रहेंगे।







