लखनऊ,14 सितम्बर 2019: विद्यांत हिन्दू पीजी कॉलेज में आज भारत की वर्तमान अर्थव्यवस्था पर व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें बताया गया कि भारत में इस समय आर्थिक मंदी नहीं बल्कि आर्थिक सुस्ती है। इस पर कतिपय कारगर कदम उठा कर नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। प्राचार्या धर्म कौर ने चाणक्य परिषद का धन्यवाद किया, जो महाविद्यालय में समय समय पर सामयिक विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित करती है। सरकार को रोजगार बढ़ाने के प्रयास करने चाहिए।

उन्होंने विद्यर्थियो से कहा कि वह इस व्याख्यान पर आलेख लिखें, और उसे अपने शिक्षकों को दिखाएं।
मुख्य वक्ता अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ राकेश कुमार मिश्र ने कहा कि विकास दर उम्मीद से कम अवश्य है। लेकिन अभी निराशाजनक स्थिति नहीं है। आज भी भारत तीन सर्वाधिक ऊंची तीन विकास दर वाले देशों में शामिल है। यहां तक कि विकसित देशों की विकास दर भारत से कम है। कम्पनी और पर्यावरण संबन्धी नियामिक अनिश्चितता को दूर करके अर्थव्यवस्था में सुधार किया जा सकता है। व्याख्यान के संयोजक डॉ बिजेंद्र पांडेय थे।

इस अवसर पर डॉ राजीव शुक्ला,डॉ विजय यादव, डॉ अमित वर्धन,डॉ ध्रुवकुमार त्रिपाठी, डॉ दीप किशोर श्रीवास्तव, डॉ शशिकांत त्रिपाठी, डॉ आलोक भरद्वाज, डॉ बृजभूषण यादव, डॉ आरके यादव, डॉ हनीफ, डॉ दिनेश मौर्य,डॉ जितेंद्र पाल, डॉ शहादत, डॉ राजू कश्यप, डॉ गीतेश गुप्ता, डॉ कौटिल्य, सहित अनेक लोग उपस्थित थे।






