भाकपा (माले) की राज्य इकाई ने केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में दलित प्रधान के पति को जिंदा जलाने की घटना में दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि भाजपा और मुख्यमंत्री योगी के शासन में सत्ता की शह से हो रही सवर्ण दबंगई के चलते दलितों और कमजोर वर्गों का जीना मोहाल हो गया है।
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने शुक्रवार को कहा कि अब तक योगी सरकार में दलित महिलाओं पर हिंसा की घटनाओं का शुमार था, लेकिन अब हालत यहां तक पहुंच गई है कि सवर्ण दबंग दलितों को जिंदा जला रहे हैं। यह यूपी में चल रहे जंगलराज की पराकाष्ठा है। इसके लिए योगी सरकार जिम्मेदार है। सरकार से संरक्षण-समर्थन पाए अपराधी, बलात्कारी व दबंग भयमुक्त होकर प्रदेश भर में दलितों-वंचितों पर कहर बरपा रहे हैं। हाथरस और बलिया से लेकर अमेठी तक घटनाएं इसका गवाह हैं।
अमेठी में चुनावी रंजिश में प्रधानपति को गुंडों ने जिंदा फूंक निर्मम हत्या कर दी, दलित महिला प्रधान के पति की हत्या कर दी गई
गुंडों ने पहले पिटाई की फिर आग लगा दी, प्रधानी चुनाव के रंजिश में निर्मम हत्या हुई, मुंशीगंज क्षेत्र के बंदोईया गांव की है घटना. @rohini_sgh @zoo_bear pic.twitter.com/WrytUDZv4e
— Devvesh Pandey (@iamdevv23) October 30, 2020
माले नेता ने कहा कि अमेठी में मुंशीगंज थाना अंतर्गत बंदुहिया दलित ग्रामप्रधान के पति अर्जुन शुक्रवार की शाम गायब होने के बाद बुरी तरह से जली हालत में एक मकान के अहाते में कराहते हुए मिले और बाद में इलाज के लिए लखनऊ लाये जाने के दौरान रास्ते में उनकी मौत हो गई।
मृतक के मृत्यु पूर्व का बयान घरवालों ने मोबाइल पर रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने जलाने वाले पांच व्यक्तियों का नाम लिया है और इसके आधार पर पीड़ित परिवार ने थाने में तहरीर भी दी है। माले नेता ने कहा कि इस मृत्यु पूर्व बयान का हश्र कहीं हाथरस पीड़िता के मृत्यु पूर्व बयान की तरह ही न हो। मृतक और उसकी विधवा को शीघ्र न्याय मिले।







