‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी’ में ‘डीडीएलजे’ स्टाइल में मनेगा करवाचौथ

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महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक दिन का त्यौहार करवाचौथ एक पवित्र दिन होता है, जिसमें वे व्रत रखती हैं और अपने पतियों की लंबी उम्र और सलामती के लिये प्रार्थना करती हैं। इतना ही नहीं, कई सारी बाॅलीवुड फिल्मों में इसे सबसे ज्यादा रोमांटिक सीक्वेंस के तौर पर दिखाया गया है।

इस त्यौहार को और भी ज्यादा मशहूर बनाने वाली चर्चित फिल्म थी, 1995 की ‘डीडीएलजे- दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे’, जहां सिमरन (काजोल), राज (शाहरुख खान) के लिये व्रत रखती है और वह उसका व्रत तुड़वाने के लिये सफेद कपड़ों में छुपकर आता है। यह बाॅलीवुड क्लासिक फिल्म का एक ऐसा सीन था, जिसने इस प्यारी रस्म ने सबका दिल जीत लिया था।

बता दें कि &TV के ‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी’ की हमारी प्यारी स्वीटी भाभी (श्वेता राजपूत) उस सीन को एक बार फिर दोहरा रही है। गुप्ता परिवार में अपने पहले करवाचैथ के लिये उसने राज और सिमरन की तरह ही इसे मनाने की इच्छा रखी है और वह एक बार फिर दुल्हन की तरह तैयार होना चाहती है। लेकिन एक सख्त सास होने के कारण सरला (समता सागर) उसकी इस बात को खारिज कर देती है, क्योंकि उसका इस बात पर अटूट विश्वास है कि यह पंजाबी त्यौहार है। और वो लोग तीज का त्यौहार मानते हैं और उसे ही करते हैं। सरला यह कहते हुए उसकी इच्छा मानने से इनकार कर देती है कि यह नये जमाने का दिखावा है कुछ और नहीं और परिवार को परंपरा का पालन करना चाहिये। लेकिन स्वीटी अपनी बात पर अड़ी हुई है और वह देखती है कि गुड़िया (सारिका बहलोरिया) उसकी मदद के लिये आगे आयी है और वह वादा करती है कि उसके पहले करवाचैथ को यादगार बना देगी।

हमेशा ही बेहद उलझी हुई चीजों को भी सरल रूप में देखने वाली गुड़िया बड़े ही प्यार से अपनी मां को बता रही होती है कि जब एक ही चांद एक ही जैसी रोशनी पंजाब और मध्यप्रदेश में दे रहा होता है तो फिर एक ही तरह के त्यौहारों में भेद क्यों होना चाहिये। इसके साथ ही परिवारवाले मिलकर सबसे खूबसूरत त्यौहार की तैयारी शुरू करते हैं।

इस त्यौहार के बारे में बताते हुए सारिका कहती हैं, ‘‘हम एक ऐसे देश में रहते हैं जोकि अपनी विविध संस्कृति के साथ बेहद समृद्ध है। मेरा मानना है कि इन त्यौहारों पर आने वाली सारी छुट्टियों का हम जिस तरह से आनंद लेते हैं, तो फिर इन बातों को छोड़कर कि हम किस धर्म या क्षेत्र से जुड़े हैं उन त्यौहारों को उसी धूमधाम और खुशी के साथ क्यों नहीं मनाते। करवाचौथ और तीज कई मायनों में एक जैसे हैं तो फिर दोनों ही क्यों ना मनाया जाये? इस संदेश को बड़ी ही बारीकी से ‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी’ में दिखाया जा रहा है, साथ ही इसमें थोड़ा बाॅलीवुड का तड़का भी लगाया गया है, दर्शकों को सचमुच बहुत ही मजा आने वाला है।’’

बता दें कि ‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी’ का प्रसारण हर सोमवार से शुक्रवार, रात 9।30 बजे &TV पर होता है।

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