पुरस्कार पाकर खिल उठे बच्चों के चेहरे
लखनऊ,05 जनवरी। जहाँ कुछ बच्चे रचनात्मकता के आनंद में सराबोर थे वहीं उनके मन में यह सोचकर उदासी थी कि आज रचनात्मक कार्यशाला का समापन दिवस हो जायेगा। अवसर था उप्र भाषा संस्थान द्वारा आयोजित बाल अटल रचनात्मक कार्यशाला के समापन दिवस का। लगभग 200 बाल रचनाकारों के इस रचनात्मक संगम के समापन कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यअतिथि उप्र हिंदी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डाॅ. सदानंद गुप्त, विशिष्ट अतिथि डाॅ. सूर्यप्रसाद दीक्षित एवं उप्र भाषा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष ने माँ शारदे के समक्ष दीपप्रज्वलन करके किया। इसके बाद कार्यशाला के बाल रचनाकारों ने माँ शारदे की वंदना प्रस्तुत की। संस्थान के निदेशक आद्यादत्त त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद कार्यशाला के संदर्भदाताओं का अभिनंदन आगंतुक अतिथियों ने किया।
मुख्य अतिथि सदानंद गुप्त ने कहा कि यहाँ जिस प्रकार बाल रचनाकारों के मन की बातों का रचनाओं के रूप में प्रस्फुटन हुआ है वह निश्चित रूप से सुखद भविष्य का आधार है। विशिष्ट अतिथि डाॅ सूर्यप्रसाद दीक्षित ने कहा कि साहित्य हमारे जीवन का परिष्कार करता है और बाल्यावस्था में यदि साहित्य के संस्कार मिल जाएं तो वे जीवन का उसी के अनुरूप निर्माण करते हैं। उप्र भाषा संस्थान के अध्यक्ष डाॅ.राजनारायण शुक्ल ने कहा कि संस्थान द्वारा प्रथम बार इस प्रकार का आयोजन किया जा रहा है। यह इतना सफल हुआ कि संस्थान भविष्य में इस दिशा में और प्रयास करेगा। इसी के साथ उन्होंने बाल रचनाकारों की रचनाओं को समाहित करते हुये पत्रिका प्रकाशन की इच्छा भी व्यक्त की।
इससे पूर्व प्रातःकाल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें लेखन एवं चित्रकला वर्ग के बाल रचनाकारों को विषय दिया गया ‘मेरे मन की बात’। इसी के आधार पर बच्चों ने अपने मन की बात को चित्रों एवं साहित्य की विविध विधाओं में अभिव्यक्त किया। पूरी कार्यशाला में एवं प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर कुल दस बाल रचनाकारों को नकद पुरस्कार दिया गया। जिसमें लेखन में सिटी माण्टेसरी स्कूल की कक्षा 7 की शुभांशी श्रीवास्तव, पुलिस माडर्न स्कूल की कक्षा 11 के शनी, माण्टफोर्ट स्कूल की कक्षा 6 के कौशलेन्द्र चैधरी, माण्टफोर्ट स्कूल से कक्षा 9 के वैभव अग्रवाल एवं कक्षा 7 की सान्वी वर्मा को पुरस्कृत किया गया। चित्रकला में माण्टफोर्ट स्कूल कक्षा 11 के संचित अग्रवाल, लखनऊ पब्लिक स्कूल की कक्षा 8 की सुहानी चतुर्वेदी, पुलिस माडर्न स्कूल की कक्षा 11 की आदिबा खातून, माण्टफोर्ट स्कूल कक्षा 6 की तनिष्का सिंह, केंद्रिय विद्यालय गोमती नगर की कक्षा 8 की भार्गवी साहू को पुरस्कृत किया गया। इसी के साथ कार्यशाला के अनुभवों को न केवल संदर्भदाताओं ने साझा किया बल्कि बाल रचनाकारों और अभिभावकों ने भी अपने अनुभव प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में बाल रचनाकारों ने कार्यशाला के दौरान तैयार की अपनी स्वरचित रचनाओं का प्रस्तुतिकरण किया वहीं चित्रकारियों एवं लिखित कविताओं, कहानियों, संस्मरण, रिपोतार्ज, पत्र आदि की भव्य प्रदर्शनी भी लगायी गयी जिसे देखकर बच्चे, अभिभावक, संदर्भदाता, अतिथियों ने आनंद की अनुभूति की। कार्यक्रम का कुशल संचालन अभिनव बालमन पत्रिका के संपादक निश्चल ने किया।
कार्यशाला के तृतीय दिवस संस्कृत संस्थान के सहा. निदेशक दिनेश कुमार मिश्रा, जगदानन्द, आशीष, नितेश, वीणा शुक्ला, शादाब आलम, डाॅ. फहीम अहमद, कार्टूनिस्ट दिलीप, चित्रकार रामस्नेही, हर्ष अग्निहोत्री, वीरेन्द्र, श्रीमती पूनम, ऋषभ पाठक, बृजेश, विपिन, रामहेत, शशी, सुधाकर, अनीता शर्मा, डाॅ. सुमन एवं अन्य कर्मचारी व अभिभावक उपस्थित रहें।






