अयोध्या कला महोत्सव 12 अक्टूबर से

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  • रामनगरी की दीवारें सजाने जुटेंगे देष भर से सौ से ज्यादा कलाकार
  • चयनित चित्रकार व विद्यार्थी होंगे पुरस्कृत
लखनऊ, 11 अक्टूबर 2018: सुर्खियों में रहने वाली अयोध्या अब चित्रकला के विश्व फलक पर छाने जा रही है। यहां 12 अक्टूबर से प्रारम्भ हो रहे पहले तीन दिवसीय अयोध्या कला महोत्सव में रामनगरी की दीवारें सजाने देश भर से सौ से ज्यादा चित्रकार जुटेंगे। साथ ही सैकड़ों विद्यार्थी स्कूलों में चित्र बनाएंगे। अगले साल इस महोत्सव को अंतर्राष्ट्रीय पर बनाने के प्रयास अभी से प्रारम्भ हो गए हैं।

यूपी प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेन्स में महोत्सव के आयोजनकर्ताओं ने बताया कि ‘भगवान राम और उनका जीवन’ विषय को लेते हुए रामायण से प्रेरित आठ खण्डों बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, सुंदरकाण्ड, लंकाकाण्ड, उत्तरकाण्ड, लवकुषकाण्ड व रामदरबार पर यहां इकट्ठा हुए कलाकार सौ से अधिक दीवारों पर विभिन्न प्रसंग उकेरेंगे। 12, 13 व 14 अक्टूबर को होने वाली इस ऐतिहासिक चित्रकारी के अंतिम दिन अपराह्न तीन बजे से मानस भवन में होने वाले समापन समारोह में परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानन्द मुनि, महापौर ऋषिकेष उपाध्याय, इतिहासकार श्रीमती मीनाक्षी जैन, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के सहयोगी रहे कर्नल अशोक किनी, योगीगाथा के लेखक व टीवी पैनलिस्ट शांतनु गुप्ता, हनुमान-2 जैसी कृतियों के चर्चित चित्रकार करण आचार्य व अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।

इस अवसर पर अयोध्या के महापौर ऋषिकेष उपाध्याय ने योगी सरकार का अयोध्या को नगरनिगम बनाने व मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम को अयोध्या का पहले महापौर के रूप में सम्मानित करने के लिए आभार व्यक्त करने के साथ बताया कि वे अयोध्या के नागरिकों व आने वाले समस्त श्रद्धालुओं की नज़र में नगर को एक स्मरणीय शहर के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी क्रम में उन्होंने महोत्सव में सभी को षामिल होने और प्रतिभागी कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए आह्वान किया। उन्हांेने बताया कि चित्रकारी के लिए गठित कमेटी द्वारा चयनित शीर्ष तीन कलाकारों को क्रमश: 25 हजार, 15 हजार और 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राषि प्रदान की जाएगी।
आयोजन के क्यूरेटर (संयोजक) लेखक शांतनु गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री की जीवनी लिखने और गोरखपुर जाने के दौरान पहली बार अयोध्या का भ्रमण किया और इसी दौरान मन में इस पौराणिक नगरी के कुछ करने की भावना जन्मी। अगल वर्ष दूसरे महोत्सव को अंतर्राष्ट्रीय कलाकारों और संगठनों की भागीदारी से वह महोत्सव को और विस्तार दिलवाएंगे। उम्मीद है ये आयोजन षहर की एक खूबसूरत छवि बनाने के साथ ही यादगार होगा।
कर्नल अशोक किनी ने कहा भले व्यक्तियों की सामूहिक सोच के हमेशा बेहतर परिणाम मिलते हैं और ये महोत्सव भी ऐसा ही आनन्द भरा अविस्मरणीय प्रयास है। उन्होंने बतायी कि नई पीढ़ी में अपनी विरासत के प्रति जिज्ञासा जगाने व उसे समझने के लिए 13 अक्टूबर को अयोध्या के विभिन्न स्कूलों में सैकड़ों विद्यार्थी रामायण की थीम पर चित्र बनाएंगे और सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थियों को 14 के समापन समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा।

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