डिजिटल झांकी में कृष्ण ने बचायी द्रौपदी की लाज

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  • 7 सितम्बर को होगा श्री राधा कृष्ण का नौका विहार प्रसंग
  • बच्चों की नृत्य प्रतियोगिता में जलवा बिखेरा
लखनऊ, 06 सितम्बर 2018: मित्तल परिवार की ओर से अमीनाबाद रोड न्यू गणेशगंज में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं डिजिटल मूविंग झांकियों की श्रृखंला में बृहस्पतिवार को द्रौपदी की चीर रक्षा की झांकी एवं सांस्कृतिक संध्या लाइव परफॉमेंस में जादूगर ए.के. चौबे द्वारा जादू का प्रदर्शन व बच्चों की नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। झांकी संयोजक ने जानकारी दी कि 7 सितम्बर को श्री राधा कृष्ण का नौका विहार प्रसंग व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि शेर के डर से दीवार पर चढ़ना थ्रीडी सेल्फी प्वाइंट बच्चों को सबसे ज्यादा अपने ओर आकर्षित कर रही थी। क्या छोटे-बड़े सभी सेल्फी की होड़ मच गयी। 6 दिन बदलने वाली झांकी, शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लाइव परफॉमेंस कलाकारों के द्वारा किया जाता है। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिदिन सायं 6 बजे से रात 12 बजे तक चलेगा।
द्रौपदी की चीर रक्षा की झांकी में जब राजमहल में कौरवों व पांडवों के मध्य चौसर खेल में पांडवों में ज्येष्ठ भाई अपना संपूर्ण राज्य, अपने भाइयों व अंत में दौपदी को भी दांव पर लगा बैठे। उनके हारने पर कौरवों में से दुःशासन द्रौपदी को बाल पकड़कर घसीटेते हुए भरी सभा में ले आये, बलपूर्वक वस्त्र खींचना प्रारम्भ किया। तब द्रौपदी ने भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण किया। हे केशव ! कौरव मेरा अपमान कर रहे हैं। हे नाथ मुझ शरणागत अबला की रक्षा कीजिये। जब तक हम माया मोह, लोभ, वैभव, अहम का त्याग नहीं करेंगे और अपना सर्वस्व नहीं देते है। तब तक भगवान नहीं दर्शन देते है। जब हम इन चीजों को छोड़ दे, तभी भगवान के कृपापात्र बन जाते है। द्रौपदी की करूण पुकार सुनकर कृपालु श्रीकृष्ण ने अबला के वस्त्र के इतना बड़ा कर दिया कि दुःशासन वस्त्र खींच-खीचते थक-हार गया।
तब द्रौपदी की चीर रक्षा कृपालु कृष्ण ने की। इस मार्मिक व हृदय विदारक दृश्यों को डिजिटल मूविंग झांकियों एवं एलईडी लाइटों के माध्यम से दृश्यों का सजीव व जीवंत किया गया। वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक संध्या लाइव परफॉमेंस के अंतर्गत जादूगर ए.के. चौबे ने अपने जादू का प्रदर्शन किया। सभी को जादू की दुनिया में गये जहां उन्होंने कागज से फूल बनाना, नोट बनाना, ताश के नम्बरों को इधर-उधर करना, गागर में सागर भरना इत्यादि जादू का प्रदर्शन किया। हैरतअंग्रेज जादू प्रस्तुत कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या ऐसा भी हो सकता है। सभी को अपने जादू के माध्यम से आपस में प्रेम सौहार्द एवं भाईचारा, एकता में बल, संगठन की शक्ति जैसे संदेश दिये।
काकुर, जान्हवी, श्वेता, नकुल, भूमि, परी, शिक्षा, पीहू, प्रज्ञा एवं अन्य नन्हे-मुन्ने बच्चों ने एक से बढ़कर एक लोकगीत, देशभक्ति, भक्ति पर डांस पे चांस मारते नजर आए। सैकड़ों बच्चों ने मंच से अपने हुनर का जलवा दिखाया और अपनी प्रतिभा को बाहर निकाला, यह मंच उन सभी बच्चों को मौका देता है जिनको कहीं मौका नहीं मिल पाता। सभी बच्चों ने नृत्य से सभी दिल जीत लिया।
अन्य झांकियों में मयूर झूला झूलते राधा कृष्ण, अमरनाथ में तांडव करते शिव, हनुमानजी ने सीना चीरकर राम सीता की छवि दिखाने, तुलसीदासजी द्वारा रामायण पाठ करते, बंदर संग मादारी, सपेरा, भालू का नाच दिखाया गया। आयोजन स्थल पर थ्रीडी सेल्फी प्वाइंटों में 20 फीट ऊंचा शिवलिंग, आग उगलते डायनासोर, शेर के भी थ्रीडी सेल्फी प्वाइंट पहली बार बनाये गये। इसके साथ ही विशाल झरना और पहाड़ों में माता का भव्य दरबार, राम भक्त हनुमान और महादेव भी दिखेगें।
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