यह माना जा रहा था कि योगी आदित्यनाथ मंत्रिपरिषद में विस्तार व के बाद तेवर में भी पहले के मुकाबले सुधार होगा। वित्त, सिंचाई,स्वास्थ, बेसिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय की कमान अब नए हांथों में है। इसी प्रकार के अन्य जिम्मेदारियों में परिवर्तन किया गया था। इसके माध्यम से मुख्यमंत्री ने छवि और कार्यकुशलता दोनों के प्रति कटिबद्धता जाहिर कर दी थी। इसका प्रभाव इस मंत्रिमंडल की पहली बैठक में दिखाई दिया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रथम पुण्यतिथि पर योगी आदित्यनाथ ने चिकित्सा विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा की थी।
इस संबन्ध में निर्णय भी हो गया। अटल चिकित्सा विश्वविद्यालय को मिलेगी पचास एकड़ जमीन देने का निर्णय मंत्रिमंडल ने किया। इससे सरकार ने प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं में सुधार की नीति आगे बढ़ाई। इसके नामकरण से अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता भी व्यक्त की है। चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना लखनऊ में होगी। इस महत्वपूर्ण निर्णय के अलावा छह अन्य प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई।
योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई थी। मंत्रिमंडल के निर्णय की जानकारी सरकार के प्रवक्ता व प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने दी। प्रदेश के विभिन्न विभागों, निगमों, आयोगों और परिषदों में नियुक्त उपाध्यक्ष को हजार रुपये महीने आवासीय भत्ता दिया जाएगा, मुरादाबाद के कांठ तहसील में बस स्टेशन के लिए बारह सौ दस वर्ग मीटर जमीन निशुल्क दी जाएगी। यह बस अड्डा करीब एक वर्ष में बनकर तैयार होगा, उप्र सूचना निदेशालय के संयुक्त निदेशक सईद अमजद हुसैन के पदावनति के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। उन्हें अब सहायक निदेशक के पद पर रिवर्ट कर दिया गया है। उनके खिलाफ सात बिंदुओं पर जांच हुई थी और दोषी पाए गए थे।
पांचवें वित्त आयोग के सदस्य के नाम में परिवर्तन करना अपरिहार्य हो गया था। वित मंत्री सुरेश खन्ना नए अध्यक्ष होंगे। मंत्री आशुतोष टण्डन, भूपेंद्र सिंह और मोती सिंह सदस्य बनाये गए हैं। इसके अलावा विधानसभा और विधान परिषद के सत्रावसान को मंजूरी दी।
– डॉ दिलीप अग्निहोत्री






