संतों, नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं की बेहद मांग पर इलाहाबाद का नाम बदलकर होगा प्रयागराज, कुंभ के दौरान नहीं लिया जाएगा सरचार्ज
लखनऊ, 14 अक्टूबर 2018: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा फैसला लेते हुए कहा की अब इलाहाबाद का नाम प्रयागराज होगा इसके साथ ही कुंभ के स्थायी निर्माण कायरे को 20 नवम्बर तथा अस्थायी प्रकृति के कायरे को दिसम्बर तक पूरा कर लिये जाने का निर्देश दिया है।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कुंभ-2019 में पहली बार श्रद्धालुओं को अक्षयवट व सरस्वती कूप के दर्शन हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि कुंभ के दौरान किसी तरह का सरचार्ज नहीं लिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने शनिवार को यहां सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रयाग में होने वाले आध्यात्मिक व सांस्कृतिक आयोजन कुंभ को पूरी भव्यता व दिव्यता से सम्पन्न कराने में कोई कोर- कसर नहीं छोड़ेगी।
कुंभ के लिए भारत सरकार व प्रदेश सरकार मुक्त हस्त से धन राशि दे रही है। श्री योगी ने बताया कि कुंभ के अन्तर्गत 643 परियोजनाएं चिह्नित की गयी हैं, जिनमें से 92 के कार्य पूर्ण हो गये हैं। 88 के कार्य 20 अक्टूबर, 250 के कार्य 31अक्टूबर तक पूर्ण किये जायेंगे। इसके अलावा 52 परियोजनाओं का कार्य 15 नवम्बर तथा 161 अस्थायी परियोजनाओं का कार्य दिसम्बर तक पूरा कर लेने के निर्देश दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अधिकारियों को कुंभ के सभी स्थायी निर्माण कार्य 20 नवम्बर तक पूरा कर लिये जाने की हिदायत दी गयी है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रद्धालुओं को इस बार डिजिटल कुंभ का आनंद मिलेगा। इसके लिए वेबसाइट तैयार कर ली गयी है। कुंभ के इतिहास में पहली बार श्रद्धालुओं को अक्षयवट व सरस्वती कूप के दर्शन की सुविधा मिलेगी। इसके लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों, गण्यमान्य नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं की ओर से इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने की मांग काफी दिनों से की जा रही है। प्रदेश सरकार इसको लेकर गंभीर है। जल्द ही नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया जायेगा।







