पावर कारपोरेशन में मचा हड़कम्प तो आईटी विंग ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को दिया आश्वासन और कहा जल्द जिन उपभोक्ताओं को मिलना था लाभ उन्हें दिलायेगें पूरा लाभ
लखनऊ, 30 दिसम्बर 2018: उपभोक्ता परिषद ने आज बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि बिजली कम्पनियां लाखों ग्रामीण अनमीटर्ड उन उपभोक्ताओं, जो मीटर्ड में सिफ्ट हो गये उनका करोड़ो रूपया हड़पने की कोशिश में है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि जहां प्रदेश की बिजली कम्पनियां ग्रामीण अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं के यहाॅ मीटर लगाने के लिये अरबो का ठेका दिया, लाखों विद्युत उपभोक्ता अनमीटर्ड से मीटर्ड कर दिये गये लेकिन बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि विद्युत नियामक आयोग द्वारा तय टैरिफ में जो लाभ लाखों ग्रामीण मीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं को मिलना था उसे बिजली कम्पनियाॅ हड़पने की कोशिश की थी, और बिलिंग साफ्टवेयर में प्रोविजन करना ही भूल गयी, उन्होंने का कहा कि आज उस पर उपभोक्ता परिषद ने इस साल का सबसे बड़ा खुलासा किया है, जिससे पावर कारपोरेशन में हडकम्प मच गया।
गौरतलब है कि विद्युत नियामक आयोग अपने टैरिफ आदेश 2017-18 में यह व्यवस्था दी थी कि कोई भी ग्रामीण विद्युत उपभोक्ता जो अनमीटर्ड से मीटर्ड में सिफ्ट होगा उसे वित्तीय वर्ष मार्च 2017-18 के अन्त तक 10 प्रतिशत की बिजली बिल में छूट मिलेगी। यानी कि 30 नवम्बर 2017 को जारी टैरिफ के बाद मार्च 2018 तक छूट मिलनी थी, जो बिजली कम्पनियों की अनभिज्ञता व मनमानी के कारण नहीं मिला। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने जब पावर कारपोरेशन की आईटी बिंग से इस बारे में बात की तो उनके द्वारा उल्टा यह जानकारी उपभोक्ता परिषद से ही ली जाने लगी कि टैरिफ आदेश के किस बिन्दु में यह व्यवस्था है। उपभोक्ता परिषद ने जब टैरिफ आदेश जनरल प्राविधान के बिन्दु -17 पर यह व्यवस्था अंकित है पढ़कर बताया फिर तुरन्त आईटी विंग द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि जल्द ही जिन लाखों ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलना चाहिये और नहीं मिला है, उसे दिलाया जायेगा। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा यह व्यवस्था वर्ष 2015-16 व वर्ष 2016-17 के टैरिफ आदेश में भी था, अब उपभोक्ता परिषद इसकी छानबीन कर रहा है कि उस समय बिजली कम्पनियों ने उपभोक्ताओं को लाभ दिया था अथवा नहीं।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि लाखों ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं के साथ जिस प्रकार बिजली कम्पनियों द्वारा चीटिंग करने की कोशिश की गयी यदि उपभोक्ता परिषद सजग न होता ग्रामीण वह अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ता जो लाखों की संख्या में मीटर्ड हो गये है उनका करोड़ों रूपया छूट का बिजली कम्पनियां हड़प जाती उपभोक्ता परिषद जब वर्ष 2018 जो समाप्त होने को है,के पूरे उपभोक्ता सम्बन्धी समस्याओं पर क्या खोया क्या पाया पर परीक्षण कर रहा था तब उसकी निगाह इस पूरे मामले पर गयी और जब छानबीन की तो चैकाने वाला यह मामला सामने आया। इसी प्रकार पहले भी उपभोक्ता परिषद ने ग्रामीण अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं से 5 प्रतिशत इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी की जगह 20 प्रतिशत इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी वसूलने का खुलासा किया था, जिसके चलते अब बिजली कम्पनियां ग्रामीण अनमीटर्ड घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं से अधिक वसूल की गयी रूपया 520 करोड़ इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी धीरे-धीरे वापस कर रही है।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा जहाॅ पावर कारपोरेशन 100 करोड़ से ज्यादा के रखे है कन्सलटेन्ट उनको क्यों नहीं दिखायी दिया इस प्रकार का प्राविधान। उपभोक्ता परिषद जल्द ही पूरे मामले पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा से मिलकर करेगा शिकायत।







