नई दिल्ली: भारतीय कुश्ती की स्टार विनेश फोगाट का एशियाई खेल 2026 में खेलने का सपना चयन ट्रायल्स के सेमीफाइनल में ही धराशायी हो गया। शनिवार को 53 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में युवा पहलवान मीनाक्षी गोयत ने उन्हें 6-4 से हरा दिया।
ड्रामा भरा सफर, विवादों में घिरा क्वार्टर फाइनल
ट्रायल्स में विनेश ने शुरुआती राउंड में ज्योति को 7-1 से आसानी से हराया, लेकिन क्वार्टरफाइनल में निशु के खिलाफ मुकाबला बेहद रोमांचक और विवादित रहा। निशु ने शुरुआत में 5-0 की बढ़त बना ली और विनेश फॉल के करीब पहुंच गई थीं।
अनुभवी विनेश ने शानदार वापसी की, लेकिन स्कोर 6-6 होने के बाद तकनीकी फैसलों, वीडियो चैलेंज और कोचों की आपत्तियों से मुकाबला तनावपूर्ण हो गया। अंत में विनेश ने जीत दर्ज की, जिसके बाद भावुक निशु ने रेफरी और विनेश दोनों से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया।
भेदभाव का आरोप, फिर मिली 53 किग्रा में छूट
इससे पहले भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने विनेश को सिर्फ 50 किग्रा वर्ग में ट्रायल देने का फैसला लिया था, जिसका उन्होंने खुलकर विरोध किया और इसे भेदभाव बताया। बाद में WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने फैसला बदला और उन्हें 53 किग्रा में उतरने की अनुमति दे दी। वजन कैटेगरी में विनेश का वजन 53.9 किग्रा रहा।
हार के बाद विनेश का तीखा बयान
सेमीफाइनल में हार के बाद 31 वर्षीय विनेश भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा, “मैं असफल नहीं हुई। मैं पूरे सिस्टम के खिलाफ लड़ रही थी। एक तरफ मैं थी, दूसरी तरफ बाकी सब। मुझे निष्पक्ष मौका नहीं मिला।” विनेश ने स्पष्ट किया कि वह कुश्ती छोड़ने के मूड में नहीं हैं और मजबूत वापसी करेंगी।
एशियाई खेलों का सपना टूटा, लेकिन लड़ाई जारी
फिलहाल विनेश फोगाट को बड़ा झटका लगा है, लेकिन उनका हौसला अभी भी बरकरार है। अब सभी की निगाहें उनके अगले कदम पर टिकी हैं।







