28 साल बाद फिर निकलेगी राम रथयात्रा

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अयोध्या 09 फरवरी-2018। 28 साल पहले लालकृष्ण आडवाणी ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए राम रथयात्रा निकाली थी। अब महाराष्ट्र की संस्था रामदास मिशन यूनिवर्सल सोसायटी और विश्व हिंदू परिषद ने एक बार फिर से रामराज्य रथयात्रा निकालने का फैसला किया है। यह रथयात्रा अयोध्या से तमिलनाडु के रामेश्वरम तक निकाली जाएगी। इस यात्रा का एजेंडा भी 28 साल पहले निकाली गई रथयात्रा की तरह अयोध्या में विवादित भूमि पर राम मंदिर बनाए जाने की मांग है।

कारसेवकपुरम हाउसिंग की तरफ से प्रस्तावित राम मंदिर को लेकर कार्यशाला महाशिवरात्रि के दिन 13 फरवरी को प्रस्तावित है। इसी दिन इस यात्रा की शुरुआत हो सकती है। इस यात्रा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाएंगे। यात्रा का समापन राम नवमी को होगा। इस दौरान केंद्र सरकार से प्राथमिकता के तौर पर 14 महीने के अंदर राम मंदिर बनाए जाने की मांग की जाएगी। यात्रा छह राज्यों-उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु से होकर गुजरेगी।

इसके लिए विशेष रथ तैयार किया गया है। 25 लाख रुपए से बने इस रथ को चार महीने में बनाया गया है। लकड़ी से बने इस रथ में दक्षिण भारतीय मसालों का प्लास्टर लगाया गया है। इसमें 28 घुमावदार पिलर्स बनाए गए हैं। आयोजकों का कहना है कि रथ की जो आकृति है, वह प्रस्तावित राम मंदिर की तरह है। यह रथ आज अयोध्या पहुंच जाएगा। रामदास मिशन यूनिवर्सल सोसायटी के राष्ट्रीय महासचिव शक्ति शांतानंद महर्षि ने कहा कि वह चाहते हैं कि देश में रामराज्य आए। भगवान राम 14 साल बाद अयोध्या वापस आए थे, उसी तरह सरकार को 2019 तक 14 महीने के अंदर अयोध्या में राम मंदिर बनवा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ महीने पहले योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। सीएम ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह रथयात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे।