डॉ दिलीप अग्निहोत्री
पिछले ढाई वर्षों में उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा में व्यापक सुधार हुए है। सत्र नियमित हुए है, दीक्षान्त समारोह नियमानुसार आयोजित हो रहे है। ऑनलाइन व्यवस्था को प्रोत्साहन दिया गया। इससे विद्यर्थियो को लाभ हो रहा है। नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित हुई है। कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने अन्य सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया है। उनके निर्देश पर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राजभवन में प्रस्तुतीकरण किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री नीलिमा कटियार, मुख्य सचिव आरके तिवारी, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव हेमन्त राव, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
आनंदीबेन ने कहा कि राजकीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय में रिक्त शैक्षणिक पदों पर भर्ती नियमानुसार, पारदर्शिता एवं समय मर्यादा तय करके करें। वित्तीय अनुदान समय पर जारी करें तथा निर्माण कार्य का समय-समय पर निरीक्षण करें। जमीन की कमी को देखते हुये विश्वविद्यालय में निर्माणाधीन इमारतों हेतु बहुमंजिली इमारतों के निर्माण को प्राथमिकता दें। निर्माण कार्य में टेण्डर के साथ-साथ निश्चित समयावधि में काम पूरा होना चाहिए। निर्माण कार्य समय से न पूरा होने पर कार्यदायी संस्था का दायित्व निर्धारित करें। प्रोन्नति से संबंधित पत्रावलियों को समय सीमा के भीतर निस्तारित करें।
प्रस्तुतिकरण बैठक में राज्य में स्थापित विश्वविद्यालयों एवं राजकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयवार प्रशासनिक, शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक सृजित एवं रिक्त पदों, विश्वविद्यालय में ऑनलाइन व्यवस्थाओं, विश्वविद्यालयों को प्रदान किये जाने वाले बजट एवं अनुदान, विश्वविद्यालयों की विभिन्न स्रोतों से होने वाली आय एवं व्यय, विश्वविद्यालयों में शासकीय अनुदान के माध्यम से कराये जा रहे निर्माण कार्यों, नैक मूल्यांकन, विश्वविद्यालयों हेतु केन्द्रीय प्रायोजित योजनाओं सहित उच्च शिक्षा हेतु राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे नवीन कार्यो पर भी विचार विमर्श किया गया।






