लखनऊ 19 फरवरी, 2018: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने आज आचार्य नरेन्द्र देव की पुण्य तिथि के अवसर पर उनकी समाधि स्थल जाकर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल ने कहा 19 फरवरी की तिथि दो दृष्टि से महत्वपूर्ण है। महान विचारक आचार्य नरेन्द्र देव का देहान्त 19 फरवरी 1956 में हुआ और छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 में शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। उन्होंने कहा कि ऐसे सामाजिक महत्व के दिन से प्रेरणा प्राप्त करनी चाहिए।
राज्यपाल ने श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए कहा कि आचार्य नरेन्द्र देव बहुआयामी व्यक्तित्व के मालिक थे। विद्यार्थियों के लिये वे शिक्षक थे, जिनमें माता के जैसी करूणा और पिता के जैसी अनुशासन प्रियता थी। आचार्य नरेन्द्र देव लखनऊ विश्वविद्यालय और बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति रहे और अपने वेतन का बड़ा हिस्सा विद्यार्थियों के हित के लिये खर्च करते थे। उन्होंने कहा कि आचार्य नरेन्द्र देव समाजवादी विचारघारा के साथ-साथ पुरातन भारतीय संस्कृति की विशेषता के पक्षधर थे।
श्री नाईक ने कहा कि पत्रकार की भूमिका में आचार्य नरेन्द्र देव साप्ताहिक, मासिक और त्रैमासिक पत्रिकाओं के सम्पादन का काम करते थे। उनकी सादगी आज के समय में अपना महत्व रखती है। आचार्य नरेन्द्र देव ने विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग भूमिका में काम किया। उनका जीवन एक आदर्श जीवन था। उन्होंने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में आचार्य नरेन्द्र देव का योगदान अभूतपूर्व है।
समाधि स्थल पर पूर्व महापौर दाऊजी गुप्ता, उदय खत्री सहित अन्य गणमान्य नागरिक व स्कूली बच्चे भी उपस्थित थे।







