मायावती के बाद एक और पूर्व सांसद ने किया मोहन भागवत के विवादित बयान का विरोध  

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पटना, 20 अगस्त 2019 : राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण पर चर्चा को लेकर दिए बयान पर बिहार में सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर मायावती के बाद पूर्व सांसद पप्‍पू यादव की जन अधिकार पार्टी (लो) की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एजाज अहमद ने इस बाबत एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने जिस तरह से पिछड़ों और अनुसूचित जाति-जनजाति को मिलने वाले आरक्षण की समीक्षा की बात की है, उससे यह स्पष्ट होता है कि वह केंद्र सरकार पर दबाव बनाकर अनुसूचित जाति जनजाति, पिछड़ों, अति पिछड़ों को मिले संवैधानिक अधिकार को छीनना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि जन अधिकार पार्टी (लो) किसी भी कीमत पर अनुसूचित जाति जनजाति, पिछड़ों एवं वंचितों को संवैधानिक अधिकारों से वंचित नहीं होने देगी। जो अधिकार साहब भीमराव अंबेडकर ने संविधान के तहत दिया था, उसे किसी भी कीमत पर समाप्त पार्टी नहीं होने देगी। इसके लिए हर स्तर पर सड़क से लेकर सदन तक विरोध का जो संवैधानिक अधिकार है उसके माध्यम से जनमानस को साथ लेकर एक बड़ा जन आंदोलन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के नेतृत्व में खड़ा किया जायेगा।

एजाज ने कहा कि जबसे दोबारा नरेंद्र मोदी की सरकार में आई है उसके बाद से ही अनुसूचित जाति – जनजाति, पिछड़ा, अति पिछड़ा एवं वंचितों को उसके अधिकार से अलग करने का अभियान चला रखा। उसी के अंतर्गत मोहन भागवत ने यह बयान दिया है। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार आग से खेलना बंद करें, क्‍योंकि संविधान पर हमला जन अधिकार पार्टी (लो) कभी बर्दाश्‍त नहीं करेगी।

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